मखऊपुर गांव के एक 95 वर्षीय बुजुर्ग पर दबंगई के बल पर भूमि कब्जा करने का आरोप लगा तो उनके बेटा-बहू उन्हें खाट पर लाद कर एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। कहा कि जो चलने-फिरने को मोहताज है, वह दबंग कैसे हो सकता है। एसडीएम ने फौरन राजस्व टीम को मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए।
मखऊपुर निवासी करन यादव ने बताया कि आबादी के बीच उनकी भूमिधरी जमीन है, जिस पर पहले से चहारदीवारी बनी हुई है। इन दिनों वह चहारदीवारी के अंदर मकान का निर्माण करा रहे हैं। एक पट्टीदार ने उनके बुजुर्ग पिता जगपत यादव पर जबरन भूमि कब्जा कर निर्माण कराने की एसडीएम कार्यालय, चकबंदी विभाग और पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने काम रोकवा दिया था।
आरोप लगाया कि पुलिस आए दिन परेशान कर रही थी। उनके पिता को राजस्व और चकबंदी कार्यालय पहुंचने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। सोमवार को चायल पुलिस चौकी में उसे दो घंटे तक बैठाए रखा। इससे परेशान होकर पिता ने अधिकारियों से अपनी व्यथा बताने की इच्छा जाहिर की थी।
मंगलवार दोपहर बेटा करन सिंह यादव, बहू शकुंतला देवी, पोता सौरभ यादव, पोती निशि यादव जगपत को खाट पर लिटा कर एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। एसडीएम मौजूद नहीं थे। फोन पर जानकारी पाकर उन्होंने नायब तहसीलदार सौरभ और संजय सिंह सहित चकबंदी एवं राजस्व विभाग के लेखपाल को जांच के लिए गांव भेजा। न्याय के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद सभी वापस हुए।
समाधान दिवस में आई थी शिकायत
थानाध्यक्ष पिपरी सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि थाना समाधान दिवस में मामले की शिकायत आई थी। डायल 112 पुलिस ने निर्माण कार्य रोकवाया था। पूछताछ के लिए चौकी पुलिस ने बुलाया था। पूछताछ के बाद घर भेज दिया गया था।
राजस्व टीम और चकबंदी कर्मियों को जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। -अरुण कुमार, एसडीएम चायल
बुजुर्ग को खाट पर लादकर तहसील ले जाते घरवाले। संवाद