बारा(कौशाम्बी)। दोआबा की विद्युत आपूर्ति नासूर बनती जा रही है। हर गांव आए दिन पेजजल और बिजली के लिए हाहाकार मचा रहता है। गोपसहसा उपकेंद्र से जुड़े तमाम गांव की करीब चार दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। इससे लोगों को ढिबरी और मोमबत्ती की रोशनी में घरेलू कामकाज करना पड़ रहा है। वहीं छात्र और छात्राओं को ढिबरी में पढ़ाई-लिखाई करनी पड़ रही है। विद्युत आपूर्ति नहीं होने से सैकड़ों मोबाइल फोन शोपीस बने हुए। अवर अभियंता का कहना है कि उपकेंद्र में लगे ट्रांसफार्मर में खराबी से आपूर्ति बाधित है। इसे दुरुस्त कराए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि उन्होंने बिजली आपूर्ति ठप होने की की शिकायत जिलाधिकारी, एसडीएम और अधिशासी अधिकारी से की है, लेकिन अफसरों की अनदेखी के चलते कोई पहल नहीं की जा रही है।
कौशाम्बी ब्लाक के गोपसहसा उपकेंद्र से जुड़े दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति के लिए पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया था। इसमें करीब चार दिन पहले खराबी आ गई। इससे उपकेंद्र से जुड़े बिजिया, कोसम इनाम, पाली, मुस्तफाबाद, रजईपुर, इटैला, हिसामबाद, जोगापुर, बैगवां, दाई का पुरवा, रसूलपुर, बड़गांव, गौरऐ, ब्रह्मबारी आदि गांवों की चार दिन से बिजली गुल है। इससे गांव के लोगों को ढिबरी और मोमबत्ती के सहारे रात गुजारनी पड़ रही है। बिजली आपूर्ति नहीं होने से गांववालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं नलकूप नहीं चल पाने से किसान आलू की सिंचाई और गेहूं की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। वहीं चार दिन से विद्युत आपूर्ति नहीं होने से मोबाइल फोन शोपीस बने हुए हैं। कुछ लोग सरायअकिल और पश्चिमशरीरा में मोबाइल चार्ज करके काम चला रहे हैं। अवर अभियंता गुलाब कटारिया का कहना है कि ट्रांसफार्मर की खराबी को ठीक कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है।