नगर पालिका परिषद के अधिकारी-कर्मचारी कागजों पर वार्ड नंबर 12 की प्यास बुझा रहे हैं। सरकारी फाइलों में यहां 90 इंडिया मार्का हैंडपंप संचालित हैं। जबकि, धरातल पर सिर्फ 40 हैंडपंप ही पानी दे रहे हैं। 20 हैंडपंप खराब पड़े हैं। शेष 30 सरकारी हैंडपंप कहां, चल रहे हैं, यह न तो अफसरों को पता है और न बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे स्थानीय लोगों को।
वार्ड नंबर 12 कृष्णा नगर के दरवेशपुर, मिश्र का पूरा, बगला, चकमाहपुर, पांडेमऊ में करीब 10 हजार की आबादी रहती है। सभासद सूरज यादव का कहना है कि पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था है नहीं। पूरे वार्ड में करीब 60 सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं, जो पहले से ही कम है। इनमें भी लगभग 10 हैंडपंप री-बोर में चले गए हैं। 10 अन्य हैंडपंप पानी छोड़ देते हैं। शिकायत करने पर पालिका के जोन कार्यालय से बताया जाता है कि वार्ड में 90 हैंडपंप हैं और सभी चल रहे हैं। दरवेशपुर के वरुण कुमार, छोटे लाल, सोनू ने बताया कि हर मोहल्ले में एक-दो हैंडपंप बिगड़े हैं। लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। पांडेयमऊ के संतलाल, देवमन ने बताया कि मोहल्ले में पेयजल का बड़ा संकट है। कई बार जोन कार्यालय में शिकायत की, लेकिन हैंडपंप ठीक नहीं हुए। कर्मचारी कहते हैं कि हैंडपंप बनाने के लिए सामान नहीं है। पेयजल संकट कुछ ऐसा ही हाल वार्ड के अन्य मोहल्लों में भी है।
बिजली कनेक्शन बिना अटकी पेयजल परियोजनाएं
वार्ड नंबर 12 के पांडेयमऊ व चकमाहपुर में दो नए पंप हाउस बनाए गए हैं। चकमाहपुर का पंप हाउस करीब चार माह पहले तो पांडेयमऊ का करीब डेढ़ महीने पहले तैयार हो गया था। वार्ड में पाइप लाइन भी बिछा दी गई है, लेकिन बिजली कनेक्शन का काम अटका हुआ है। चकमाहपुर में सिर्फ लाइन जुड़नी बाकी है तो पांडेयमऊ में सिर्फ खंभे लगे हैं। न ट्रांसफाॅर्मर लगा और न लाइन बनी। कनेक्शन न होने के कारण यह पंप शोपीस बने हैं।
किसी मोहल्ले में एक तो किसी में दो हैंडपंप खराब हैं। कोई पूरी तरह से सूखा है तो किसी में एक बाल्टी पानी निकालने के लिए पहले पांच मिनट चलाना पड़ा है।
सानू सरोज, कृष्णा नगर
वार्ड में लोगों को एक-एक बाल्टी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कोई पानी लेने 150 मीटर दूर जाता है तो कोई 200 मीटर दूर। शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है।
गुरु कुशवाहा, कृष्णानगर
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नलकूपों में बिजली के कनेक्शन का पैसा जमा हो गया है। दो-तीन दिन में कनेक्शन हो जाएंगे। इसके बाद पेयजल आपूर्ति शुरू हो जाएगी। वार्ड में 90 हैंडपंप का आंकड़ा पुराने सर्वे का है। टीम लगाकर फिर सर्वे कराया जाएगा। यही नहीं टीम लगाकर बिगड़े हैंडपंपों की मरम्मत भी कराई जाएगी।
राम सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद, भरवारी