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या देवी सर्व भूतेषु श्रृष्टि रूपेण संस्थिता......

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आया तेरे दरबार, भवानी मेरी अरज सुनो
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-ब्रह्मचारिणी स्वरूप के दर्शन को शीतलाधाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
-देवी मंदिरों और पूजा पंडालों ने भक्तों का लगा रहा तांता
-जयकारे से गूंजे मंदिर तो देर रात तक भक्तिगीतों से गुलजार रहे गांव
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप का दर्शन करने के लिए शीतलाधाम में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। गंगा स्नान के बाद जयकारा लगाते हुए हजारों की संख्या में भक्तों ने मां के दरबार में माथा टेका। गांवों और कस्बों के देवी मंदिरों और पूजा पंडालों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। पूजा पंडालों में शुरू हुआ भक्तिगीतों का कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा।
शुक्रवार को शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन था। यह दिन मां ब्रह्मचारिणी का माना जाता है। दूसरे दिन कड़ा में मां शीतला को ब्रह्मचारिणी के रूप में सजाया। मां के इस स्वरूप का दर्शन करने के लिए भोर से ही भक्तों का तांता लग गया। गंगा स्नान के बाद मां के दरबार में पहुंचे भक्तों के जयकारों से शीतलाधाम दिन भर गुंजायमान रहा। दूसरे दिन जिले के अलावा दूरदराज से आए हजारों भक्तों ने मां की दरबार में माथा टेकते हुए पुण्य लाभ अर्जित किया। मंझनपुर स्थित मां दुर्गा मंदिर में स्थानीय भक्तों की भीड़ सुबह से उमड़ी रही। भक्तों ने मंदिर परिसर में पूजन-अर्चन के अलावा दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया। इसी तरह गुरौली के चंद्रिका देवी मंदिर, संचवारा के अलोप शंकरी, पश्चिम शरीरा के झारखंडी मंदिर, अंबारी के अलोप शंकरी मंदिर, इमली गांव के समया देवी माता मंदिर, म्योहर के काली माता, जालपा देवी और कल्याणी देवी मंदिर में भक्तों का तांता दिन भर लगा रहा। इसके बाद गांवों और कस्बों के पूजा पंडालों में देर रात तक भक्तिगीतों का कार्यक्रम चलता रहा। देवी की भक्ति में श्रद्धालु सराबोर रहे।
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देवीगीतों से गुलजार रहे पूजा पंडाल
मंझनपुर (ब्यूरो)। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन गांव-गांव और कस्बे-कस्बे सजे मां दुर्गा के पूजा पंडाल देवीगीतों से गुलजार रहे। एक ओर जहां युवतियां ढोल पर देवीगीत प्रस्तुत किया वहीं दूसरी ओर युवा भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। देवी पंडालों में गीत के साथ भजन कीर्तन का भी आयोजन किया गया।
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बारिश के मौसम में सुहाना रहा पूजा पंडाल
मंझनपुर (ब्यूरो)। नवरात्र प्रारंभ होते ही बारिश ने भी अपना जलवा दिखाना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को जहां दिन भर बारिश की फुहार पड़ी वहीं शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम सुहाना हो गया। देवी पंडालों में विराजमान रहे भक्ति देवी के भक्ति में लीन रहे। सुहाना मौसम का भी लोगों ने लुत्फ उठाया।


मंझनपुर दुर्गा मंदिर में लगा रहा तांता
मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर में सुबह से ही मां के पूजन-अर्चन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। स्नान के बाद भक्त पूजा की थाल सजाकर मां की दरबार में पहुंचे। इस दौरान कुछ भक्तों ने मंदिर परिसर में दुर्गा सप्तशती का पाठ तो कुछ ने दुर्गा चालीसा का पाठ कर पुर्ण्याजन किया। भक्तों की भीड़ के चलते मंदिर परिसर पूरे दिन मां के जयकारों से गूंजता से रहा।

पश्चिमशरीरा में देवी दर्शन को उमड़ी भीड़
पश्चिमशरीरा। स्थानीय गांव व बाजार में मां अंबे की मूर्ति आधा दर्जन पूजा पंडालों में भक्तों ने स्थापित करा रखी है। पर्व के दूसरे दिन इन पूजा पंडालों में महिलाओं, पुरुषों व कन्याओं की भारी भीड़ मां के पूजन के लिए उमड़ी। यहां पर लगभग 20 साल से मां अंबे की मूर्ति पंडाल बनाकर स्थापित कराई जाती है। इसके अलावा झारखंडी देवी मंदिर में भी पूजन-अर्चन के लिए सुबह से महिला-पुरुष भक्तों की भीड़ लगी रही। इसी तरह नई बाजार में बने पूजा पंडाल में भक्त पूजन-अर्चन करने के लिए सुबह से लेकर शाम तक डटे रहे। शाम को यहां पर प्रोजेक्टर के माध्यम से भक्तों को कृष्ण लीला भी दिखाई गई।


धर्मनीति से चलती है राजनीति : निहारिका
भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचिका ने दिया प्रवचन
मंझनपुर (ब्यूरो)। सदर ब्लॉक फैजीपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा में दूसरे दिन शुक्रवार को कथावाचिका निहारिका ने भक्तों को धर्मज्ञान के साथ-साथ राजनीति का भी पाठ पढ़ाया। उन्होंने बताया कि राजनीति धर्मनीति के बगैर नहीं चल सकती। धर्मविहीन व्यक्ति में सेवा भाव हो ही नहीं सकता और बगैर सेवा भाव के कोई भी राजनीति में सफल नहीं हो सकता।
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चित्रकूट धाम से आई कथावाचिका ने श्रोताओं पर ज्ञान की वर्षा करते हुए कहा कि सृष्टि बगैर धर्म के एक पल भी नहीं चल सकती और राष्ट्र राजनीति के बगैर नहीं चलता सकता। धर्मनीति के सहारे राजनीति करने वालों से ही देशवासियों का कल्याण हो सकता है। पहले भी राजा-महाराजा हुआ करते थे। जिस राजा के पास धर्म नहीं था उसका कार्यकाल जनता के लिए पीड़ादाई रहा है। बगैर धर्म की राजनीति आज भी विघभनकारी है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में व्याख्या किया है कि मनुष्य को उचित मार्ग पर चलना चाहिए। आचार्य चाणक्य, स्वामी विवेकानंद जैसे विद्वानों ने धर्मनीति के बल पर भारत को विश्वगुरु बनाया है। उन्होंने कहा भागवत कथा अत्यंत कल्याणकारी है। इसका फल उसी को मिलता है जो तन, मन व वाणी से पवित्र होकर इसके ज्ञान को धारण करता है। कथा मात्र सुनने से कुछ होने वाला नहीं है। कथा का संयोजन दिलीप अग्रहरि व सोनू ने किया।
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