गोपसहासा पावर हाउस क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बृहस्पतिवार रात आई तेज आंधी के बाद पूरी तरह चरमरा गई है। 40 घंटे बीतने के बाद भी करीब 73 गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इससे हजारों लोगों को अंधेरे, पेयजल संकट और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
गोपसहासा पावर हाउस से कुल 83 गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। इनमें से बिजिया क्षेत्र के केवल आठ से 10 गांवों में ही आपूर्ति आंशिक रूप से सुचारु हो सकी है। वहीं धरमपुर, बरगदी, ढोकसहा, डेकहाई, मेडरहा, बारा, कनैली, गुरौली समेत लगभग 73 गांवों में अब भी बिजली ठप है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिजली न मिलने से पेयजल की समस्या गंभीर हो गई है। मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो रहे हैं और भीषण उमस के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण भोला यादव, रूपम, संतोष कुमार सिंह, दिनेश कुमार, बृजेश कुमार, रंजीत कुमार, शुभम द्विवेदी ने बताया कि बिजली संकट के चलते लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अवर अभियंता शंकर लाल ने बताया कि विभाग की टीमें लगातार पेट्रोलिंग और मरम्मत कार्य में जुटी हैं। पहले 33 केवी लाइन की जांच कर आपूर्ति पावर हाउस तक पहुंचाई गई है। अब 11 केवी लाइनों की मरम्मत की जा रही है। उन्होंने बताया कि आंधी में सैकड़ों खंभे टूटने और डिस्क पंचर होने से यह स्थिति बनी है, जिसे जल्द सामान्य कर लिया जाएगा।
लाइन सही करते गोपसहासा विद्युत विभाग के कर्मचारी। संवाद