मंझनपुर। तहसीलों में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस महज फरियादियों के शिकायती पत्र जमा करने तक सीमित रह गया। लोग आते गए और व्यथा बताते गए, लेकिन समाधान नहीं हुआ। तमाम लोग तो ऐसे थे जो पिछले कई बार से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन न्याय नहीं मिला।
जिलाधिकारी सुजीत कुमार और एसपी बृजेश श्रीवास्तव दलबल के साथ संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतें सुनने सिराथू पहुंचे। ब्लॉक और तहसील के साथ ही जिले स्तर के भी ज्यादातर अधिकारी यहां मौजूद थे। जिला स्तरीय आयोजन होने के कारण यहां अन्य तहसीलों की अपेक्षा भीड़ भी अधिक रही। 91 ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें से चार का ही निस्तारण हो सका। शेष फरियादियों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
बताया जाता है कि इनमें कई ग्रामीण ऐसे तो लगातार कई बार संपूर्ण समाधान दिवस और समाधान दिवस में शिकायतें दर्ज करा चुके हैं, लेकिन निस्तारण नहीं हो रहा है। डीएम ने अफसरों से कहा है कि शिकायतों का निस्तारण समय से और गुणवत्ता के साथ किया जाए। इसी तरह तहसील मंझनपुर में 41 शिकायतें आईं, जिसमें से तीन निस्तारित हुईं। तहसील चायल में आई 37 शिकायतों में से तीन का ही अफसर निराकरण करा सके। अन्य फरियादियों को जांच कराकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया।