प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चायल के 36 परिवारों ने अपने बच्चों का टीकाकरण कराने से इनकार कर दिया है। इसको लेकर अफसर बेचैन है। इन परिवारों के लिए अलग से टीम गठित की गई है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांवो में डेरा डाल कर वृहद तरीके से टीकाकरण किया। इसके बाद भी अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
सूबे के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को अपने विधानसभा शहर पश्चिमी क्षेत्र में ही जूझना पड़ रहा है। इस क्षेत्र के पांच गांवों के 36 परिवारों ने अपने बच्चों का टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया है। प्रतिरोधी परिवारों के इस फैसले ने विभाग सहित सूबे के चिकित्सा मंत्री को बेचैन कर दिया है।
इन प्रतिरोधी परिवार के बच्चों का टीकाकरण कैसे किया जाय इसको लेकर जिम्मेदारों ने कवायद शुरू कर दिया है। इसको लेकर गांवों और प्रतिरोधी परिवारों को चिन्हित कर वहां टीकाकरण के लिए टीम गठित की गई है। बुधवार को टीम ने लखनपुर गांव पहुंचकर टीकाकरण का काम शुरू किया। गांव के कुल चार परिवारों ने बुधवार को अपने बच्चों का टीकाकरण कराया। जबकि अन्य परिवारों को मानने में टीम का पूरा समय बीत गया।
क्षेत्र के 36 परिवारों को चिन्हित कर वहां अलग से टीम भेजा जा रहा है। इसमें स्थानीय प्रशासन का भी सहयोग लिया जा रहा है।
डॉ मुक्तेश द्विवेदी-प्रभारी चिकित्साधिकारी,चायल