पश्चिमशरीरा के दुर्गा का डेरा गांव में सांसद निधि के ट्रांसफार्मर की हेराफेरी करने में अवर अभियंता पर भी गाज गिर सकती है। मामले में एक्सईएन ने इसके लिए जेई को भी जिम्मेदार छहराते हुए कार्रवाई की सिफारिश अधीक्षण अभियंता से की है। इससे विभाग में खलबली मच गई है।
पश्चिमशरीरा गांव के मजरा दुर्गा का डेरा गांव में लगे 25 केवीए का ट्रांसफार्मर उपकेंद्र पर तैनात टीजीटी कर्मी गौरव श्रीवास्तव ने बब्लू के नलकूप में लगवा दिया था। आरोप है कि टीजीटू कर्मी ने इसके लिए तगड़ी वसूली भी की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर अधीक्षण अभियंता विद्युत तारिक जलील ने एसडीओ से मामले की जांच कराई तो प्रकरण सत्य पाया गया।
जांच पड़ताल के बाद एसडीओ धर्मेन्द्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी टीजीटू कर्मी गौरव श्रीवास्तव के साथ नलकूप स्वामी बब्लृू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। सोमवार को एक्सईएन प्रभाकर पांडेय ने आरोपी टीजीटू कर्मी को सस्पेंड कर दिया। इसी के साथ ही एक्सईएन ने उपकेंद्र के अभियंता चंद्रिका मौर्य को भी बराबर का जिम्मेदार माना है।
अधीक्षण अभियंता को लिखे पत्र में एक्सईएन ने बताया कि टीजीटू कर्मी गौरव श्रीवास्तव की तैनाती बैशकांटी उपकेंद्र में थी जबकि ट्रांसफार्मर की हेराफेरी पश्चिमशरीरा उपकेंद्र से की गई है। ऐसे में बगैर जेई की मिलीभगत से हेराफेरी कर पाना संभव नहीं है। लिहाजा एक्सईएन ने इसके लिए जेई को भी दोषी मानते हुए कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है।
टीजीटू कर्मी के बचाव उतरा मजदूर संगठन
टीजीटू कर्मी के खिलाफ की गई कार्रवाई से विद्युत मजदूर पंचायत संघ में नाराजगी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीसी उपाध्याय ने विभागीय अफसरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जेई को बचाने के लिए टीजीटू कर्मी की बलि दी गई है। बताया कि दुर्गा का डेरा में एक भी वैध उपभोक्ता नहीं होने से जेई के कहने पर टीजीटू कर्मी ने ट्रांसफार्मर उतारकर उपकेंद्र पहुंचाया था। इसके बाद जेई ने ही उसे निजी कर्मचारी के जरिए प्राइवेट नलकूप में लगवाया था। प्रदेश अध्यक्ष ने कार्रवाई वापस नहीं लेने पर आंदोलन की धमकी दी है।