जिले के 234 मजरों के 2,883 घरों में जल्द ही उजाला होगा। विद्युतीकरण से वंचित इन घरों तक बत्ती पहुंचाने के लिए साढ़े छह करोड़ खर्च होंगे। साथ ही करीब 100 ट्रांसफॉर्मर समेत सैकड़ों खंभों के जरिये घरों को रोशन करने की तैयारी है। केंद्रीय उर्जा मंत्रालय से स्वीकृति के बाद कार्यदायी संस्था ने काम भी शुरू कर दिया है। इसमें डेढ़ वर्ष का समय लगेगा।
पिछले कुछ वर्षों में जिले के अलग-अलग इलाकों में ग्राम सभाओं का विस्तार हुआ है। लोगों ने खेत-खलिहानों में घर बनाए हैं। लेकिन, बिजली की समस्या बनी रही। कुछ ने जुगाड़ से बत्ती भी जला ली पर करीब 2,883 घरों में आज तक रोशनी नहीं पहुंची। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने ठोस पहल की है।
एसई श्याम नारायण ने बताया कि सौभाग्य योजना के तीसरे चरण की कार्य योजना तैयार कर प्रस्ताव भेजा गया था। जिसे केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने स्वीकृति दे दी है। इसके लिए जिले को 6.5 करोड़ रुपये मिले हैं। इस धनराशि से इन मजरों में तकरीबन 100 नए ट्रांसफॉर्मर, बिजली के खंभे, केबल आदि का इंतजाम किए जाएंगे। नामित कार्यदायी संस्था विश्व समुद्रम ने हफ्ते भर पहले काम भी शुरू कर दिया है।
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छह साल पहले नगर पंचायत पूरब-पश्चिमशरीरा का हिस्सा बनने के बाद भी मजरों का विद्युतीकरण नहीं हो सका है। बिजली के अभाव में मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे मोहल्ले में लोगों के घर जाना पड़ता है। नथन लोधी, अवंती बाई नगर (लोधन का पूरा)
- आधुनिकता के इस दौर में भी हम लोगों के लिए टीवी, फ्रिज, कूलर सपने सरीखा है। मोबाइल तो दूसरे मोहल्लों में जाकर चार्ज कर लेते हैं। बिजली के अभाव में बच्चों को मोमबत्ती या फिर सौर ऊर्जा की रोशनी में पढ़ना पड़ता है। -भूख्खल लोधी, अंवती बाई लोधी नगर (लोधन का पूरा)
आंशिक रूप से विद्युतीकरण से वंचित मजरों तक बिजली पहुंचाने के लिए शासन ने लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये स्वीकृत किया है। कार्यदायी संस्था ने पिछले हफ्ते से जिले में काम शुरू कर दिया है। - श्याम नारायण, अधीक्षण अभियंता, विद्युत