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नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को 20 साल का सश्रम कारावास

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एडीजे विशेष न्यायाधीश पॉक्सो योगेश कुमार तृतीय की अदालत ने बृहस्पतिवार को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को सजा सुनाई। कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म में दोष सिद्ध युवक को 20 साल के सश्रम कारावास और 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने जुर्माने में से 50 हजार रुपये पीड़िता को मुहैया कराने का आदेश दिया है।
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अभियोजन के अनुसार करारी इलाके के एक गांव की 13 वर्षीय लड़की 24 फरवरी 2017 को दोपहर 12 बजे खेत में हरा चारा काटने गई थी। इसी दौरान करारी कोतवाली के फरीदनपुर गांव निवासी नींबूलाल मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि नींबू लाल नाबालिग को जबरन सरसों के खेत में घसीट ले गया और दुष्कर्म किया। विरोध करने पर पिटाई करते हुए कहीं भी शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया।
बदहवास हालत में रोते-बिलखते किसी तरह घर पहुंची पीड़िता ने आप बीती परिजनों को बताई। दो दिन बाद 26 फरवरी को कोतवाली पहुंचकर पीड़िता की मां ने नामजद एफआईआर दर्ज कराई। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे कोर्ट विशेष न्यायाधीश पॉक्सो योगेश कुमार तृतीय की अदालत में हुई।
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एडीजीसी पुरुषोत्तम गुप्ता ने कोर्ट के समक्ष दस गवाहों को प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। एडीजे योगेश कुमार तृतीय ने नींबूलाल को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसमें से 50 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।
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