मंझनपुर। यूपी बोर्ड की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन जिले में सिर्फ 20 फीसदी शिक्षक-शिक्षिकाएं ही कर रहे हैं। इन शिक्षिकाओं ने शुक्रवार को मिलकर 9730 कापियों की जांच की। वहीं अपनी मांगों को लेकर पांचवें दिन भी माध्यमिक शिक्षक संघ के चेत नारायण गुट और वित्तविहीन स्कूलों के अध्यापकों ने बहिष्कार जारी रखा। मूल्यांकन केंद्र पर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी शिक्षक दिनभर हुंकार भरते रहे। इनका ऐलान है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी। वे मूल्यांकन नहीं करेंगे।
बता दें कि वित्तविहीन शिक्षकाें की मानदेय देने, तदर्थ शिक्षकों के नियमितीकरण और पुरानी पेंशन नीति लागू करने की मांग को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ ने बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार कर रखा है। तीन दिनों तक तो जिलेभर के सभी अध्यापक इस बहिष्कार में शामिल रहे। पर, बृहस्पतिवार से शिक्षक संघ के शर्मा गुट के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ ही राजकीय स्कूल के अध्यापकों ने उत्तरपुस्तिकाओं की जांच शुरू कर दी है।
मूल्यांकन केंद्र की प्रभारी बनाई गई कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य रेखा सिंह ने बताया कि 20 फीसदी अध्यापक कापियां जांच रहे हैं। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को जहां कुल 709 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया था। वहीं शुक्रवार को कुल 9730 उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की गई। केंद्र प्रभारी के मुताबिक शुक्रवार को हाईस्कूल की 8891 और इंटरमीडिएट की 4791 उत्तरपुस्तिकाओं को कोठार से मूल्यांकन के लिए निकाला गया था। इनमें हाईस्कूल की 5400 और इंटरमीडिएट की 4330 कापियों की जांच की जा चुकी हैं।
वहीं शिक्षक संघ के चेत नारायण गुट और वित्तविहीन स्कूलों के अध्यापक मांगों को लेकर शुक्रवार को भी धरने पर बैठे रहे। चेत नारायण गुट के जिलाध्यक्ष अशोक मिश्र ने बताया कि शुक्रवार को उनके संघ के 169, वित्तविहीन स्कूल के 60 और शर्मा गुट के भी करीब 40 अध्यापक मूल्यांकन का बहिष्कार करते हुए धरने पर बैठे थे। इन अध्यापकों ने बगैर मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया। इस मौके पर रामसुंदर सिंह, राम विशाल यादव, बृजेंद्र नारायण मिश्र, शिवलाल यादव और वित्तविहीन स्कूल संघ के साधुराम पाठक, केके मिश्र, हीरामणि त्रिपाठी, रमेश कुमार, देवकुमार, शेर बहादुर आदि शिक्षक मौजूद रहे।