मंझनपुर । पटरी से उतर चुकी चिकित्सा सेवाओं में सुधार लाने के लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने रणनीति के तहत सरकारी अस्पतालों में शिकायत पेटिका लगवाने का निर्देश दिया है। इस पेटिका में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित शिकायत मरीज व उसके तीमारदार कर सकते हैं। इस पेटिका की चाभी डीएम व एसडीएम के पास होगी। हर हफ्ते शिकायतों की समीक्षा होगी। डॉक्टरों की नकेल कसने के लिए यह पेटिका लगवाई गई है।
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जिला अस्पताल सहित जिले की पीएचसी, सीएचसी, न्यू पीएचसी में तैनात चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उन्होंने सभी अस्पतालों के मुख्य द्वारा एक-एक सुझाव/ शिकायत पेटिका लगाने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने शिकायत पेटिका लगवाना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि जिला स्तर पर शिकायत पेटिका की चाभी डीएम व तहसील स्तर की एसडीएम के पास होगी। इससे पेटिका में आने वाली शिकायतों पर डीएम व एसडीएम की सीधी नजर रहेगी।
इतना ही नहीं उन्होंने शिकायत पेटिकाओं पर सीएमओ, सीएमएस व संबंधित इंचार्ज चिकित्सक, एसडीएम व डीएम का मोबाइल नंबर अंकित कराने का निर्देश दिया है। डीएम ने कहा कि चिकित्सा व्यवस्था में सुधार लाए जाने के लिए जल्द ही कंट्रोल रूम की स्थाना कराई जाएगी। इस नंबर पर किसी भी समय मरीज शिकायत दर्ज करा सकेगा। डीएम ने बताया कि शिकायतों के आधार पर अब संबंधित चिकित्सक के खिलाफ शिकंजा कसा जाएगा। डीएम के फरमान के बाद से लापरवाह चिकित्सकों में हड़कंप है।
डाक्टरों पर शिकंजा कसने को लगी शिकायत पेटिका
डीएम व एसडीएम के पास होगी चाभी
प्रत्येक पेटिका पर अंकित होगा डीएम का सीयूजी नंबर