मंझनपुर स्थित विद्तुत परिवर्तक मरम्मत कार्यशाला में रखे ट्रांसफॉर्मर। संवाद
जिले में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ रहे बिजली लोड का असर अब बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले एक महीने के दौरान जिले में 175 ट्रांसफार्मर फुंक जाने से बिजली विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। औसतन प्रतिदिन करीब नौ ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन दिनों में 28 ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें तीन जून को नौ, चार जून को आठ और पांच जून को 11 ट्रांसफार्मर फुंकने की शिकायतें हैं। बढ़ती शिकायतों के बावजूद विभागीय वर्कशॉप में प्रतिदिन औसतन 14 ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा उपयोग के लिए तैयार किया जा रहा है।
ट्रांसफार्मरों का स्टॉक बढ़ाकर विभाग कर रहा राहत की तैयारी
वर्तमान में 10 और 16 केवीए क्षमता का एक-एक, 25 केवीए क्षमता के आठ, 63 केवीए क्षमता के दो और 100 केवीए क्षमता के तीन ट्रांसफार्मर पूरी तरह तैयार हैं, जिनमें तेल भरकर तत्काल स्थापित किया जा सकता है। इसके अलावा वर्कशॉप में 25 केवीए के 25, 63 केवीए के 18, 100 केवीए के 21 और 10 केवीए क्षमता के आठ अतिरिक्त ट्रांसफार्मर भी उपलब्ध हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर शीघ्र तैयार कर लगाया जा सकता है।
हाल के दिनों में बढ़े बिजली लोड और अधिक तापमान के कारण ट्रांसफार्मर अधिक संख्या में खराब हो रहे हैं। विभाग ने मरम्मत क्षमता बढ़ाकर प्रतिदिन अधिक ट्रांसफार्मर तैयार करने की व्यवस्था की है। जरूरत के अनुसार 250 केवीए और 400 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मरों की भी मरम्मत की जा रही है। - इंद्रेश बहादुर, जूनियर इंजीनियर, वर्कशॉप