मंझनपुर। सख्त पहरे के बीच गुरुवार से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं प्रारंभ हो गईं। प्रशासनिक सख्ती के कारण पहले ही दिन 314 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। जबकि विषय परिवर्तन के कारण दो केंद्रों से परीक्षार्थियों को मायूस होकर बैरंग लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस बार हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के 45396 छात्र-छात्राओं ने यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। इनके लिए जिले के 78 केंद्रों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। नकलविहीन पारदर्शी परीक्षा के लिए क्रेदों पर कक्ष के दोनों ओर वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरा लगवाए गए हैं। गुरुवार को पहले दिन प्रथम पाली में कोई परीक्षा नहीं थी। जबकि द्वितीय पाली में 63 केंद्रों पर परीक्षाएं होनी थी। पर, राधेश्याम इंटर कॉलेज कनैली और गुलाब देवी बालिका इंटर कॉलेज बजहा में विषय परिवर्तन के कारण इन केंद्रों पर पंजीकृत एक-एक छात्रों की परीक्षा नहीं हो सकी। डीआईओएस एसके सिंह ने बताया कि इन छात्रों ने जिस विषय का फार्म भरा था उसकी जगह बोर्ड की चूक से दूसरे विषय का प्रशभनपत्र आ गया था।
इस वजह से इन छात्रों ने परीक्षा से इंकार कर दिया। इसकी जानकारी परिषद को दे दी गई है। बाकी बचे 61 केंद्रों पर शिक्षा शास्त्र, मनोविज्ञान तथा तर्क शास्त्र विषयों के लिए पंजीकृत 2468 में 2154 परीक्षार्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। डीआईओएस ने बताया कि प्रशासनिक सख्ती के कारण पहले ही दिन 314 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दिया है। उधर,डीएम मनीष कुमार व एसपी प्रदीप कुमार गुप्ता ने करारी इंटर कालेज पहुंच कर परीक्षा का निरीक्षण किया। हिदायत दिया कि किसी भी कीमत पर नकल नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान नकल पकड़े जाने पर संबंधित विद्यालय को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रव्राइ की जाएगी। निर्देशित किया कि परीक्षा केंद्र में बगैर आई कार्ड के कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति प्रवेश न करने पाए। डीएम-एसपी के पहुंचने से परीक्षार्थियों में हड़कंप रहा।