कमिश्नर के दरबार पहुंचा एनएच-2 चौड़ीकरण का मुद्दा
-साल भर से तीन विभाग चौड़ीकरण में बने हुए हैं रोड़ा
-प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट पर आई तेजी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कोखराज से मनौरी तक राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का मुद्दा कमिशभनर के दरबार में पहुंच गया है। शासन स्तर पर हुई शिकायत के बाद कमिशभनर ने नौ जनवरी को संबंधित विभागाध्यक्षों को तलब किया है। ऐसे में मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान रोड़ा बन रहे विभागों की लगाम कसी जानी तय है।
कोखराज से मनौरी तक 19 किलो मीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण किया जाना है। इसकी जिम्मेदारी प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग को साल भर पहले दी गई है। सड़क चौड़ीकरण रोड़ा बन रहे पेड़, पाइप लाइन व विद्युत पोल को व्यवस्थित किए जाने के लिए संबंधित विभागों को धनराशि भी जारी कर दी। छह माह से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद तीन में से एक भी विभागीय जिम्मेदार ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया। इससे सड़क चौड़ीकरण का काम अधर में लटका हुआ है। धन देने के छह माह बाद भी विभागों द्वारा काम न शुरू किए जाने की शिकायत प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग इलाहाबाद ने शिकायत शासन स्तर पर की। मामला राष्ट्रीय राजमार्ग का होने के चलते शासन ने संजीदगी दिखाते हुए मंडलायुक्त को निर्देश जारी कर दिया।आयुुक्त ने डीएम मनीष कुमार वर्मा से वन, बिजली व जलनिगम के कार्यों की प्रगति के साथ ही तीनों विभागों के जिम्मेदारों को तलब किया है। नौ जनवरी को कमिशभनर की दरबार में हाजिरी लगने से संबंधित विभागाध्यक्षों में हड़कंप है।
पोल व पाइप लाइन शिफ्टिंग से ग्रामीणों को होगी दिक्कत
राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ने वाली पाइप लाइन, पोल व पेड़ों की कटान के लिए प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग ने अलग-अलग धनराशि विभागों को आवंटित किया है। इसमें बिजली विभाग को 84 लाख 404 रुपए, जलनिगम को दो करोड़ 42 लाख 32 हजार 477 रुपए व वन विभाग को दो करोड़ 84 लाख रुपए कटान के लिए जारी किया गया है। छह माह पहले धनराशि जारी किए जाने के बाद भी विभागीय जिम्मेदार आज तक काम नहीं शुरू करा सके हैं। ऐसे में यदि प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू कराया जाता है तो कई गांवों की बिजली व पानी की आपूर्ति ठप हो सकती है।
क्या कहते हैं अधिकारी
राष्ट्रीय राजमार्ग-2 का निर्माण कार्य एक साल से तीन विभागों की मनमानी के चलते लंबित है। मामले में मंडलायुक्त ने रिपोर्ट तलब किया है। नौ जनवरी की बैठक में वन, जलनिगम व बिजली विभाग के जिम्मेदारों से सवाल जवाब होगा। लंबित निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।
मनीष कुमार वर्मा, डीएम