कौन ले रहा था रवन्ने पर रुपया
सिंडीकेट का सदस्य के बारे में सीबीआई टीम ने खनिज कार्यालय में की पूछताछ
पांच बालू कारोबारियों से लगभग आठ घंटे लिया बयान
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। जिले में सिंडीकेट लागू होने के बाद पट्टाधारकों को रवन्ना आवंटित करते समय खनन कार्यालय में सिंडीकेट का हिस्सा लेने वाला सदस्य कौन है? गुरुवार को सीबीआई टीम के निरीक्षक ने इसकी सघन जांच पड़ताल की। पांच बालू कारोबारियों से पूछताछ करने के अलावा खनिज कार्यालय पहुंचकर एक प्राइवेट कर्मचारी से सिंडीकेट की बाबत गहन छानबीन की।
गुरुवार को सीबीआई ने बालू कारोबारी जितेंद्र कुमार, ज्योति कुमार, रमाकांत द्विवेदी, अल्पनारायण व जोश महाराज को तलब किया था। डंप के इन कारोबारियों से सीबीआई टीम ने बारी-बारी से लगभग आठ घंटे गहन पूछताछ की। इस दौरान टीम का फोकस घाटों पर किए गए अवैध खनन पर रहा। डंप कारोबारियों से टीम ने पूछा कि जिस घाट से बालू लाकर डंप किया था क्या उसका पट्टा था। डंप के लिए बालू लाते समय उन्हें रवन्ना दिया गया था। इसके अलावा डंप बालू बेचने के लिए खनिज कार्यालय से प्रपत्र सी लेते समय उनसे कितना धन सिंडीकेट के सदस्य ले रहे थे। इन सदस्यों से पूछताछ करने के बाद सीबीआई टीम के निरीक्षक सुदेश चंद्र व एक अन्य खनिज कार्यालय पहुंचे। दोनो सदस्यों ने पट्टाधारकों को रवन्ना जारी करते समय सिंडीकेट का हिस्सा लेने वाले शख्स की बाबत गहन पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान सिंडीकेट के दो गुर्गों के नाम भी सीबीआई को खनिज कार्यालय में बताए गए हैं। लगभग आधा घंटा कर्मचारी का बयान दर्ज करने के बाद टीम के दोनाें सदस्य पुन: कैंप कार्यालय चले गए। कुल मिलाकर अब सीबीआई टीम खनिज कार्यालय में पट्टाधारकों को रवन्ना देते समय रुपयों की वसूली करने वाले सिंडीकेट सदस्य की तलाश में जुट गई है। जानकारों की मानें तो शुक्रवार को कुछ बालू कारोबारियों से पूछताछ करने के बाद शाम तक टीम वापस हो जाएगी।
इनसेट
लिखित आदेश के इंतजार में हैं पूर्व खनन निरीक्षक
जिले में आई सीबीआई टीम ने पूर्व खनन निरीक्षक अरविंद कुमार को बुधवार के दिन पूछताछ के लिए तलब किया था। फोन पर तलब किए जाने के बाद ललितपुर में तैनात अरविंद कुमार ने सीबीआई के सामने पेश होने के लिए डीएम से छुट्टी मांगी। लिखित में आदेश न दिखा पाने के चलते ललितपुर डीएम ने खनन निरीक्षक को छोड़ने से मना कर दिया। उनके उपस्थित न होने से टीम लोगों द्वारा लिए गए बयान की पुष्टि तत्कालीन खनन निरीक्षक से नहीं कर सकी है। ऐसे में अब पूर्व खनन निरीक्षक से पूछताछ के लिए सीबीआई को लिखित में आदेश जारी करना होगा।
जिला पंचायत कार्यालय पहुंची सीबीआई
गुरुवार को सीबीआई टीम के दो सदस्य जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे। अपर मुख्य अधिकारी एलएन खरे से मिलकर उन्होंने यमुना बालू घाटों से आने वाले वाहनों से जिला पंचायत की पर्ची पर की गई वसूली के आंकड़े व अन्य दस्तावेज जुटाए। टीम के सदस्यों ने बैरियर पर खर्च हुई पर्ची की फोटोस्टेट कराते हुए दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिया। माना जा रहा है कि जिला पंचायत की पर्ची जिले में हुए अवैध खनन की पुष्टि के लिए पर्याप्त है।