वरदान साबित हो रही आशा ज्योति लाइन
तीन माह में 33 महिलाओं का हो चुका है रेस्क्यू
सूचना के 35 मिनट में बचाव के लिए पहुंच रही वैन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। महिला आशा ज्योति लाइन हिंसा पीड़ित महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। जिले में योजना चालू होने के बाद से अब तक कुल 33 महिलाओं की समस्या का निदान आशा ज्योति केंद्र के द्वारा किया जा चुका है। किसी भी पीड़िता के फोन करने के 35 मिनट बाद रेस्क्यू वैन मौके पर पहुंचकर महिलाओं की मदद कर रही है।
शासन द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर 181 महिला हेल्पलाइन जारी करते हुए आशा ज्योति केंद्र की स्थापना की गई है। जिले में इसकी शुरुआत 27 जून को हुई। इसके तहत एक 181 वैन, तीन सुगमकर्ता व तीन महिला कांस्टेबल का इंतजाम जिले में किया गया है। महिला हेल्पलाइन व आशा ज्योति केंद्र की स्थापना होने के बाद सितंबर माह के अंत तक 33 महिलाओं/ लड़कियों ने इसकी मदद ली। इसमें मारपीट, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, दहेज उत्पीड़न आदि से पीड़ित महिलाएं शामिल हैं। सुगमकर्ता ज्ञाना यादव ने बताया कि जुलाई माह में 8, अगस्त में 11 व सितंबर में 14 मामले दर्ज किए गए हैं। लगभग सभी मामलों का निस्तारण पीड़ित महिलाओं को समझा-बुझाकर करा दिया गया है। उनके फोन नंबर रखे गए हैं। जिनका फालोअप लगातार किया जा रहा है। इससे साफ है कि जिले में महिला हेल्पलाइन व आशा ज्योति केंद्र हिंसा की शिकार हो रही महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।
इनसेट
एक मामले में दर्ज कराई जा चुकी एफआईआर
महिला आशा ज्योति लाइन की सुगमकर्ता द्वारा एक मामले में पीड़िता के कहने पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मामला कोरीपुर गांव का है। यहां पर एक युवक ने महिला को साथ रखने से इंकार कर दिया था जबकि महिला उसके साथ रहने को पूरी तरह से तैयार है। मामले में महिला की मंशा के अनुरूप एफआईआर दर्ज कराई कार्रवाई की जा रही है।
बिलासपुर के प्रेमियों की कराई शादी
पिपरी थाने के बिलासपुर गांव में एक महिला ने प्रेम विवाह किया था। कुछ दिन बाद दोनों के बीच अनबन होने लगी। इस पर प्रेमी द्वारा महिला को मारा-पीटा जाने लगा। प्रेमिका ने मामले में 181 हेल्प लाइन की मदद ली। मौके पर पहुंची टीम ने महिला व उसके पति को सलाह देते हुए समझाया तो दोनो राजी हो गई। इस पर दोनों की शादी लिखापढ़ी में करा दी गई। सुगमकर्ता रुचि त्रिपाठी की ने बताया कि महिला का नंबर पास रखा गया है। उसका लगातार फालोअप किया जा रहा है। शादी के बाद से सब कुछ ठीक चल रहा है।
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24 घंटे तैयार रहती है रेस्क्यू वैन
महिला उत्पीड़न पर नियंत्रण रखने के लिए आशा ज्योति लाइन की वैन 24 घंटे अलर्ट रहती है। सुगमकर्ता संगीता देवी का कहना है कि किसी भी महिला का फोन आते ही उनकी वैन मदद के लिए 30 से 35 मिनट में पहुंच जाती है। दिन हो या रात वैन व केंद्र की सुगमकर्ता व कांस्टेबल हरदम तत्पर रहती हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
आशा ज्योति हेल्प लाइन का लाभ महिलाओं को मिल रहा है। इस हेल्प लाइन की वजह से कई महिलाओं को त्वरित मदद मिली है। इसको और सफल बनाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसकी लगातार मानीटरिंग भी की जा रही है ताकि महिलाओं को समय से राहत मिले।
अशोक कुमार पांडेय-एसपी