बिजली नहीं होने से तमाशा बना रहा जिला अस्पताल
शार्ट सर्किट से कबाड़ी की दुकान में लगी आग से काटी गई थी बिजली
अस्पताल में लगाया जा रहा था 125 केवीए का जनरेटर
फोटो नं-13,14,15
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल इलाज कराने आए दूर-दराज के मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं तमाशा बनकर रह गई है। अस्पताल के समीप स्थित कबाड़ की दुकान में शार्ट सर्किट के कारण बत्ती गुल थी। इसी दौरान अस्पताल में 125 केवीए का नया जनरेटर भी लगाया जा रहा था। ऐसे में मरीजों को जांच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन के लिए परेशान होना पड़ा।
जिला अस्पताल के समीप सुपर स्क्रैप कंपनी नाम से कबाड़ की गोदाम है। रविवार की देर रात गोदाम में बिजली की शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। इसके चलते मंझनपुर उपकेंद्र से जिला अस्पताल की तरफ जाने वाली लाइन को बाधित करना पड़ा। इसके अलावा जिला अस्पताल में लगे 63 केवीए के जनरेटर को बदला जा रहा था। इसके स्थान पर 125 केवीए का जनरेटर लगाया गया। इस कारण जनरेटर भी नहीं चल सका। रविवार को अवकाश होने के कारण सोमवार की सुबह से ही मरीजों की अच्छी खासी भीड़ जिला अस्पताल पहुंची थी। ओपीडी में पर्चा बनवाकर लोग चिकित्सक के पास इलाज के लिए गए तो किसी को पैथालॉजी की जांच लिखा गया तो किसी को एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई। लेकिन बिजली नहीं होने से किसी मरीज की कोई जांच नहीं हो सकी। दोपहर 12 बजे तक करीब 150 लोगों के खून का नमूना भी निकाल लिया गया था। बाद में सारे निकाले गए नमूनों को फ्रिजर में रखवा दिया गया।
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गर्मी से बिलबिलाए मरीज, पंखा हांकते रहे तीमारदार
जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड, महिला वार्ड में ऑपरेशन और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोग काफी परेशान थे। गर्मी से मरीजों का हाल बेहाल था। मरीजों के तीमारदार हाथ का पंखा झलकर अपनों को राहत देने का प्रयास करते रहे।
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इनका कहना है
बिजली की शार्ट सर्किट के कारण कबाड़ के गोदाम में आग लगी थी। इसके कारण कुछ देर के लिए आपूर्ति बाधित किया गया था। केबल डिस्कनेक्ट करने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई थी।
विनम्र पटेल, अवर अभियंता मंझनपुर
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जिला अस्पताल में सोमवार को 125 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा था। बिजली काटे जाने की जानकारी नहीं थी। बाद में जनरेटर से सप्लाई चालू किया गया था। दोपहर बाद जांच व अल्ट्रासाउंड का काम शुरू करा दिया गया था।
डॉ. दीपक सेठ, सीएमएस
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