आग लगी तो तबाह हो जाएंगे गांव और बस्ती
ग्रामीण इलाके के तालाबों में नहीं भरवाया गया पानी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। गर्मी की दस्तक के साथ ही जिले में अगलगी की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसके बाद भी लाखों की लागत से गांवों में खोदे गए तालाबों में पानी नहीं भरवाया गया। ऐसे में आग की बड़ी घटनाओं में फायर ब्रिगेड को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
वर्षा का जल संचयन और भूगर्भ जल स्तर बढ़ाने की गरज से हर गांव में मनरेगा योजना के तहत आदर्श तलाब खोदे गए हैं। इसका मकसद है कि तालाब में पानी रहने से जहां गांव के मवेशियों को गला तर होगा वहीं जल स्तर में भी सुधार होगा। शासन की मंशा के अनुरूप डीआरडीए विभाग ने मनरेगा से करोड़ों रुपया खर्च कर जिले के 498 ग्राम सभाओं में एक से दो तलाबों की खुदाई करवाई। हर साल गर्मी के दिनों में इन तलाबों में प्रधान और सेक्रेटरी निजी नलकूपों से पानी भरवा दिया करते थे। इसके लिए मनरेगा से बजट की मंजूरी भी दी जाती थी। इस बार ऐसा कुछ नहीं हो सका। लोकसभा चुनाव के चलते अफसर तलाबों की तरफ से मुंह मोड़े हुए हैं। इसका सर्वाधिक असर गांव में लगने वाली आग की घटना के बाद पड़ेगा। अगर किसी गांव में आग लग जाती है तो फायर ब्रिगेड को पानी के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। फायर सर्विस को पानी की और जरुरत पड़ने पर उसे निजी नलकूप का ही सहारा लेना होगा। इसमें भी घटना के वक्त बिजली नहीं रही तो गांवों में आग लगने के बाद हालात बेकाबू होना तय है। सीडीओ इंद्रसेन सिंह का कहना है कि ग्राम प्रधान और सचिवाें को तलाब भरवाने के निर्देश दिए जाएंगे। क्योंकि तालाब में पानी होने से मवेशियों को भी सहूलियत होगी।