शौचालय घोटाले में दो ग्राम प्रधान सस्पेंड
-प्रधान और सेक्रेट्री के खिलाफ एफआईआर के निर्देश
-डीपीआरओ की रिपोर्ट पर डीएम ने की कार्रवाई, हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। जिले के दो अलग-अलग ब्लॉकों के ग्राम प्रधान के खिलाफ डीएम मनीष कुमार वर्मा ने गुरुवार को निलंबन की कार्रवाई कर दी। शौचालय के धन में गोलमाल मिलने पर प्रधान व सेक्रेट्रियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का भी निर्देश दिया है। कार्रवाई के बाद डीएम ने आरोप पत्र तय करने की जिम्मेदारी डीडीओ को सौंपी है। एक साथ दो ग्राम प्रधानों के निलंबन व एफआईआर दर्ज कराने के आदेश से बाद से विकास के धन से खिलवाड़ करने वाले ग्राम प्रधानों व सेक्रेट्रियों में हड़कंप है।
विकास खंड कड़ा के अफजलपुर सातों निवासी शिवबली सिंह ने डीएम मनीष कुमार वर्मा से शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि शौचालय निर्माण में ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी ने मनमानी करते हुए धनराशि के साथ गोलमाल किया है। मामले की जांच डीएम ने डीपीआरओ कमल किशोर को सौंपा। जांच के दौरान दो सौ पुराने व 83 नए शौचालयों के निर्माण में गड़बड़ी व धनराशि के खाते से निकालकर गोलमाल का मामला प्रकाश में आया। इसी तरह रैयादेह माफी निवासी सत्यपाल ने शासन के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। मामले की जांच जिला समन्वयक सुजीत शुक्ल के साथ डीपीआरओ कमल किशोर ने संयुक्त रूप से किया। यहां भी दो सौ शौचालयों की धनराशि आठ माह पूर्व खाते से निकाली गई पर निर्माण कार्य मौके पर नहीं मिला। दोनों ग्राम सभाओं में विकास के धन में गोलमाल मिलने पर डीपीआरओ ने रिपोर्ट डीएम मनीष कुमार वर्मा को सौंपी। डीपीआरओ की रिपोर्ट पर डीएम ने गुुरुवार को अफजलपुर सातों के ग्राम प्रधान गुलाम मुस्तफा व ग्राम प्रधान रैया देह माफी अनीता देवी को निलंबित करते हुए वित्तीय अधिकार छीन लिए। दोनों ग्राम प्रधानों व सेक्रेटरी पुनीत सिंह, बलराम चौधरी के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है। डीएम की कार्रवाई से विकास के धन से खिलवाड़ करने वाले अन्य ग्राम प्रधानों में हड़कंप मच गया है।
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मेड़रहा ग्राम प्रधान पर क्यों मेहरबान है प्रशासन
शौचालय आवंटन में गड़बड़ी का मामला विकास खंड कौशांबी के मेड़रहा गांव में भी प्रकाश में आया था। जिला समन्वयक से जांच कराने के बाद डीपीआरओ ने खुद जांच की थी। इसके बाद डीएम ने ग्राम प्रधान से जवाब-तलब किया था। प्रधान का जवाब मिलने के पखवारे भर बाद भी कार्रवाई नहीं की जा सकी। सूत्रों की मानें तो ग्राम प्रधान के कारनामों की तीसरी बार जांच कराने के लिए जिला युवा कल्याण अधिकारी को लगाया गया है। यहां पर सवाल यह उठता है कि डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट के बाद मामले जरूरी कार्रवाई क्यों नहीं की गई है?
कई और गांवों में शौचालय निर्माण में है गोलमाल
संपूर्ण स्वच्छता अभियान अंतर्गत ग्राम सभाओं को दिए शौचालय निर्माण में धांधली कई और गांवों में भी है। विकास खंड सरसवां के कटरी गांव में शौचालय निर्माण में पिछले दिनों गबन की शिकायत हुई है। मामले की जांच डीपीआरओ ने स्वयं की थी। इसी तरह कोरीपुर, पूरब सरांवा सहित दो दर्जन से अधिक ग्राम सभाओं में शौचालय की धनराशि ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी की मनमानी की भेंट चढ़ चुकी है।