संशय समाप्त, इंद्रजीत सरोज ही है गठबंधन के प्रत्याशी
नामांकन के दौरान इंद्रजीत ने दाखिल किया था फार्म ए और बी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। गठबंधन प्रत्याशी इंद्रजीत सरोज की दावेदारी को लेकर मंगलवार एक हिंदी दैनिक में प्रकाशित खबर ने चर्चा का बाजार गर्म कर दिया। सारा दिन लोग यह जानने के लिए बेताब दिखे कि इंद्रजीत सरोज को टिकट मिला है या नहीं। इस बाबत अमर उजाला की पड़ताल में पता चला कि इंद्रजीत ने पार्टी का सिम्बल पाने के लिए फार्म ए और बी नामांकन के साथ दाखिल किया है। इससे साफ है कि गठबंधन की तरफ से इंद्रजीत ही अधिकृत प्रत्याशी हैं।
मंगलवार को जिले में अफवाह फैली कि सपा की तरफ से भले ही इंद्रजीत सरोज ने नामांकन दाखिल किया हो लेकिन पार्टी ने उन्हें अधिकृत उम्मीदवार घोषित नहीं किया। कौशाम्बी संसदीय सीट पर बसपा के उम्मीदवार को लेकर भी चर्चा थी। कहा जा रहा कि जिले से विधायक रहे एक प्रत्याशी ने बसपा प्रमुख के सामने टिकट का प्रस्ताव रखा। इस पर बसपा प्रमुख मायावती ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से कौशाम्बी सीट छोड़ने की बात कही। बदले में सपा को बसपा की एक सीट देने का वादा किया गया। इससे पहले इंद्रजीत ने नामांकन दाखिल कर दिया था। इन सब खबरों के बीच मंगलवार को एक हिंदी दैनिक में लखनऊ से प्रकाशित खबर ने लोगों के मन में चल रहे कयासों को और पुख्ता कर दिया। खबर में था कि सपा ने अब तक कौशाम्बी संसदीय सीट से प्रत्याशी घोषित नहीं किया। इसे लेकर जिले के लोग हकीकत जानने के लिए बेताब दिखे। मीडिया के लोगों से पूछताछ की गई। इस बाबत अमर उजाला ने पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। सपा जिलाध्यक्ष खड़ग सिंह पटेल ने बताया कि सिम्बल के लिए पार्टी की तरफ से मिलने वाला फार्म ए और बी दाखिल किया जाता है। इंद्रजीत सरोज ने नामांकन के दौरान दोनों फार्म दाखिल किया है। वहीं, एआरओ सतीश चंद्र ने अफवाहों को खारिज किया। उनका भी कहना है कि प्रत्याशी ने फार्म ए और बी नामांकन के साथ दाखिल किया है।