चायल। फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में रविवार को मतदान को लेकर दोआबा में उत्साह नहीं रहा। बूथों पर सुबह वोटरों की लाइन लगी रही, लेकिन दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। कुछ वोटर मतदान करने के लिए पहंचे। शाम पांच बजे तक करीब 31 फीसदी वोट पड़े ।
संसदीय क्षेत्र फूलपुर के 44 मतदान केंद्र कौशाम्बी में पड़ रहे हैं। रविवार सुबह सात बजे से उपचुनाव के लिए केंद्रों पर मतदान प्रारंभ हुआ। सुबह के दो घंटों में कटहुला, फुलवा, रावतपुर, बिसौना, गौसपुर के साथ ही मुस्लिम बहुल गांवों में वोटरों की लाइन लगी रही। शेरवानी इंटर कॉलेज मतदान केंद्र में छह बूथों में चार पर दोपहर एक बजे तक ही करीब 35 फीसदी वोटिंग हो चुकी थी। जबकि अन्य दो बूथों पर सिर्फ 15 प्रतिशत ही वोट पड़े थे। इनके अलावा अन्य क्षेत्रों में उपचुनाव को लेकर मतदाताओं में उत्साह नहीं दिखा। दोपहर में केंद्रों पर इक्का, दुक्का वोटर ही पहुंच रहे थे। मतदान कर्मी बगैर किसी परेशानी के वोट डलवा रहे थे। शाम पांच बजे तक मनौरी में करीब 35, मेंडवारा में 33, अकबरपुर में 34, काठगांव में 36, अहमदपुर पावन में 38, मंदर एवं मंदरी में भी 35 फीसदी लोगों ने ही वोट डाले। शहरी क्षेत्र की हालत खराब रही।
उपचुनाव में कौशाम्बी के हजारों वोटर बीएलओ की लापरवाही से मतदान नहीं कर सके। आरोप है कि बीएलओ ने उनके घर मतदाता पर्ची ही नहीं पहुंचाई। रविवार को बूथ पहुंचने पर भी उनकी मुलाकात बीएलओ से नहीं हो सकी। नतीजतन बड़ी संख्या में वोटर मायूस लौट गए। भगवतपुर निवासी आशीष पांडेय, सुजाता देवी, मनीष कुमार, आशा देवी, रामचंद्र का कहना है कि बीएलओ कल्पना तिवारी ने उनके घर पर्ची नहीं पहुंचाया। बूथ पर भी इन्हें पर्ची नहीं मिल सकी। इस वजह से इन्होंने वोट नहीं डाला। ये लोग सोमवार को एसडीएम सदर से शिकायत करेंगे। दलित बाहुल मंदरी के ग्रामीणों ने भी कमोवेश यही बात कही। ग्रामीण बीएलओ पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।