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कलयुग के श्रवण कुमार: दादा-दादी को कंधों पर बैठाकर कराया गंगा स्नान, कांवड़ लेकर भोलेनाथ के जलाभिषेक को निकला

Wed, 14 Aug 2024 05:34 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

कलयुग के श्रवण कुमार अपने दादा-दादी को कंधों पर बैठाकर गंगा स्नान कराने पहुंचा। कांवड़ में बैठाकर भोलेनाथ के जलाभिषेक को निकला। 
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कलयुग के श्रवण कुमार: दादा-दादी को कंधों पर बैठाकर कराया गंगा स्नान - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के कासगंज की तीर्थनगरी सोरों के कांवड़ मेले में अद्भुत नजारे देखने को मिल रहे हैं। श्रद्धालु यहां से भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए कांवड़ भरकर ले जा रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को एक युवक कलयुग के श्रवण कुमार के रूप में पहुंचा। वह माता-पिता व दादा-दादी को कांवड़ में बैठाकर पहुंचा। दादा-दादी को उनके पौत्र व परिवार के अन्य लोग कांवड़ में बैठाकर गंगाजल ले जा रहे थे। 110 किलोमीटर की लंबी यात्रा करते हुए पौत्र व परिजनों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

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यह परिवार एटा के जलेसर के समीप मानिकपुर स्टेशन के पास के बुड़ाई गांव का रहने वाला है। यहां के जितेंद्र कुमार एवं नीरज कुमार अपने दादा मुंशीराम व दादी भगवान देवी को कांवड़ यात्रा कराने के लिए कछला गंगा घाट पहुंचे। यहां मां गंगा की पूजा-अर्चना के साथ ही पौत्र और परिजन ने दादा-दादी की पूजा की। 

कांवड़ के तराजूनुमा पलड़ों में दादा-दादी को बैठाया। गंगाजल बांधा और कांवड़ यात्रा पर गंतव्य के लिए रवाना हो गए। सुबह के समय कांवड़ लेकर पौत्र व परिजन निकले। 110 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करके गंतव्य तक पहुंचेंगे। पौत्र जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनके दादा मुंशीराम फालेज मार चुकी है। 
 
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बताया कि दादी स्वस्थ हैं। दादा गंगा स्नान को नहीं आ सकते थे। तो उनकी इच्छा थी कि कंधों पर बैठाकर दादा को गंगा स्नान और कांवड़ यात्रा कराएंगे। इसी संकल्प के चलते उन्हीं के आर्शीवाद से यात्रा कर रहे हैं। भगवान भोलेनाथ के मंदिर में गंगाजल से दादा-दादी व परिवार के सभी लोगों के साथ मिलकर अभिषेक करेंगे।

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