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UP News: डॉक्टर ने 10 वर्षों में एक दिन भी अस्पताल में नहीं रखा कदम, अफसरों की मेहरबानी से हर माह उठा रहा वेतन

Tue, 24 Sep 2024 07:28 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

कासगंज में डॉक्टर ने 10 वर्षों में एक दिन भी अस्पताल में कदम नहीं रखा। सिर्फ कागजों में लगातार ड्यूटी चल रही है। अफसरों की मेहरबानी से हर माह वेतन उठा रहा है।
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राजकीय पशु चिकित्सालय में लगा ताला। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के कासगंज में पटियाली तहसील क्षेत्र के सनौडी खास गांव में राजकीय पशु चिकित्सालय बना है। यहां 12 दिसंबर 2014 से पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विपिन कुमार की तैनाती भी है। लेकिन, इनकी ड्यूटी सिर्फ कागजों पर चल रही है। 10 वर्षों में डॉक्टर विपिन ने पशु चिकित्सालय में अपने कदम तक नही रखे। घर बैठकर आकाओं की महरबानी से हर माह वेतन उठा रहे हैं। 

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ग्रामीण विष्णु देव पाठक ने बताया कि 10 वर्षों से चिकित्सक की यहां तैनाती है। लेकिन, डॉक्टर अस्पताल नहीं आते हैं। चिकित्सक न होने से न तो पशुओं का इलाज हो पाता है। न ही पशु से संबंधित कोई सुविधा मिल पाती है।

ग्रामीण सुरेश सिंह ने बताया कि कई बार अधिकारियों से शिकायत की। लेकिन, कोई नतीजा नहीं निकला। क्षेत्रीय ग्रामीणों के पशु जब बीमार होते हैं तो उन्हें निजी पशु चिकित्सक से महंगा इलाज कराना पड़ता है। इस पशु चिकित्सालय के अंतर्गत लगभग 30 गांव आते हैं। लेकिन, चिकित्सालय न खुलने से पशुपालक पशुओं के इलाज के लिए परेशान रहते हैं। 
 
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इस दौरान पंडित ललित कुमार मिश्रा, संजीव कुमार, अनूप शाक्य, रूपेश कुमार, विकेश द्विवेदी, सौरभ कुमार, रजनीश कुमार, जितेंद्र कुमार, अगर पाल यादव, सत्येंद्र यादव, सुरेन्द्र यादव, जगवीर यादव सहित तमाम ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से बंद पड़े पशु चिकित्सालय पर चिकित्सक को भेजने की मांग की।

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