ग्रामीण सुरेश सिंह ने बताया कि कई बार अधिकारियों से शिकायत की। लेकिन, कोई नतीजा नहीं निकला। क्षेत्रीय ग्रामीणों के पशु जब बीमार होते हैं तो उन्हें निजी पशु चिकित्सक से महंगा इलाज कराना पड़ता है। इस पशु चिकित्सालय के अंतर्गत लगभग 30 गांव आते हैं। लेकिन, चिकित्सालय न खुलने से पशुपालक पशुओं के इलाज के लिए परेशान रहते हैं।
इस दौरान पंडित ललित कुमार मिश्रा, संजीव कुमार, अनूप शाक्य, रूपेश कुमार, विकेश द्विवेदी, सौरभ कुमार, रजनीश कुमार, जितेंद्र कुमार, अगर पाल यादव, सत्येंद्र यादव, सुरेन्द्र यादव, जगवीर यादव सहित तमाम ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से बंद पड़े पशु चिकित्सालय पर चिकित्सक को भेजने की मांग की।