फोटो 45 - सोरोंजी के गांव नगला लाले टावर चढ़ी महिला। स्रोत : संवाद
सोरोंजी। दो साल से लापता नाबालिग पुत्री की बरामदगी न होने और पुलिस की हीलाहवाली से आहत होकर एक बेबस मां बुधवार दोपहर मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। टॉवर पर चढ़कर महिला ने चीख-चीखकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। करीब तीन घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बाद में मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों के काफी समझाने-बुझाने पर महिला सुरक्षित नीचे उतर आई।
गांव जरैथा निवासी मुन्नी देवी पत्नी ऋषिपाल की बेटी शीतल (15) 7 अप्रैल 2024 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। पीड़ित मां ने सोरोंजी कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा करने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने केवल गुमशुदगी के पोस्टर चस्पा कर अपनी कार्रवाई से इतिश्री कर ली। दो साल बीतने के बाद भी किशोरी का कोई सुराग नहीं लग सका है।
पीड़ित मुन्नी देवी का आरोप है कि वह सोरोंजी कोतवाली से लेकर एसपी कार्यालय तक के चक्कर काटकर थक चुकी है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। महिला का दावा है कि उसकी बेटी को कोतवाली क्षेत्र के एक पड़ोसी गांव में ही रखा गया। उसने इसकी जानकारी भी पुलिस को दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब आरोपी उसके घर आकर उसे जान से मारने और अंजाम भुगतने की धमकियां दे रहे हैं।
पुलिस की शिथिलता से तंग आकर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे मुन्नी देवी पास के ही गांव नगला लाले में स्थित एक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। महिला को टॉवर पर चढ़ते देख आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। महिला के टॉवर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस में खलबली मच गई।
क्राइम इंस्पेक्टर कल्याण सिंह और महिला थाना प्रभारी शांती देवी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने करीब तीन घंटे तक लाउडस्पीकर और माइक के जरिये महिला से बातचीत की और निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए उसकी बेटी की जल्द से जल्द बरामदगी का आश्वासन दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद दोपहर करीब 3 बजे महिला सुरक्षित टॉवर से नीचे उतरी, तब जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। सीओ सदर आंचल चौहान ने बताया कि महिला बेटी के न मिलने से नाराज होकर टॉवर पर चढ़ गई थी। उसे समझाकर नीचे उतर लिया गया है।