फोटो16सहावर के इमलिया में गेंहूं की फसल को देखते जिला कृषि अधिकारी डॉ.अवधेश मिश्र । स्रोत:
कासगंज। गेहूं की फसल का आकलन करने के लिए जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने सहावर के गांव इमिलिया का निरीक्षण किया। किसानों को प्रथम सिंचाई के बाद दानेदार यूरिया तथा दूसरी सिंचाई के बादर नैनो यूरिया का प्रयोग करने की सलाह दी।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में इस वर्ष लगभग 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई की गई है। वर्तमान समय में फसल अच्छी स्थिति में है। गेहूं में उर्वरक का संतुलित प्रयोग आवश्यक है।
नैनो यूरिया, गेहूं की अच्छी वृद्धि बेहतर विकास और रोग-कीटों से सुरक्षा के लिए आवश्यक है। द्वितीय सिंचाई के बाद दानेदार यूरिया के स्थान पर नैनो यूरिया का फोलियर स्प्रे किया जाए।
नैनो यूरिया के सूक्ष्म कण, पौधे लंबे समय तक अवशोषित करते हैं। इससे पौधे की बढ़त समान रूप से होती है और रोग-.कीट लगने की संभावना कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि दानेदार यूरिया की तुलना में नैनो यूरिया के प्रयोग से उत्पाद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। कहा कि नैनो यूरिया से मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार होने के साथ जल एवं पर्यावरण प्रदूषण भी तुलनात्मक रूप से कम होता है।