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-16 मई को सुन्नगढ़ी स्थित घर से एटीएस टीम ने किया था गिरफ्तार
-एटीएस की जांच में निकला पाकिस्तान कनेक्शन, दो मोबाइल जब्त
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की शुरूआती जांच में किलोनी के रहने वाले शहबाज सिद्दीकी का पाकिस्तान से कनेक्शन निकला है। वह पाकिस्तान में बैठे जैश-ए-मोहम्मद के सक्रिय सदस्य उमर से सोशल मीडिया पर चैट करता था। एटीएस उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। उससे दो मोबाइल मिले हैं, उनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
सुन्नगढ़ी थाना क्षेत्र के गांव किलोनी निवासी शहबाज सिद्दीकी (20) को एटीएस ने 18 मई को घर से हिरासत में लिया था। एटीएस ने उसके घर से दो मोबाइल फोन बरामद किए थे। एटीएस की शुरूआती जांच में पता चला है कि शहवाज आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सक्रिय पाकिस्तानी सदस्य मोहम्मद उमर से सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये संपर्क में था।
14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर भी दोनों के बीच चैट हुई थी। इसमें मो. उमर ने शहबाज से कहा था कि आज तुम्हारे देश में ब्लैक डे होगा, लेकिन हमारे पाकिस्तान में खुशियां मनाई जा रही है।
मई में एक वीडियो पोस्ट कर रडार पर आया शहवाज
शहबाज ने मई माह में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट की थी। इसमें पाकिस्तान समेत अन्य मुस्लिम देशों के झंडे लगे थे। साथ ही विवादित बातें थी। सूत्रों की मुताबिक, इस वीडियो को पोस्ट करने के बाद से ही वह एटीएस की रडार पर आ गया था। एटीएस ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की तो राष्ट्र विरोधी गतिविधियां ट्रेस हुई। पाकिस्तानी आतंकी से संपर्क निकलने पर उसे हिरासत में लिया।
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रिश्ता तय करने के बहाने पहुंची थी एटीएस टीम
शहबाज के पिता आसिफ हुसैन ने बताया कि 18 मई को एटीएस टीम के कुछ सदस्य उनके घर रिश्ता तय करने के बहाने से पहुंचे थे। इस दौरान शहबाज घर पहुंचा तो टीम के अन्य सदस्य भी वहां पहुंच गए। टीम ने अचानक से शहवाज से मोबाइल के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। तब उन्हें मामले के बारे में जानकारी हुई। इसके बाद टीम शहबाज को लेकर अलीगढ़ रवाना हो गई। फिर वहां से उसे लखनऊ ले जाया गया। एटीएस के उसे हिरासत में लेने पर पिता ने लखनऊ पहुंचकर उससे मुलाकात भी की। पिता ने बताया कि शहवाज बाहर रहकर इंस्टाग्राम पर चैट करता था, मगर किसके साथ इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। संवाद
पांच साल से मामा के घर पुणे में रह रहा था शहवाज
कासगंज। शहबाज के पिता आसिफ हुसैन हाथरस की एक आयुर्वेदिक कंपनी के तेल और दवाओं की बिक्री करते हैं। परिवार में मां के अलावा तीन बहनें और दो भाई हैं। भाई अरबाज मजदूरी करता है। परिजन ने बताया कि शहबाज कक्षा चार तक पढ़ा है। पिछले पांच साल से पुणे में मामा के घर रहकर शीशा लगाने का काम करता था। बीच-बीच में गांव आता-जाता रहता था। वह एक महीने बाद गांव आया था। संवाद
पिता बोले- फंडिंग की बात गलत, खर्च के लिए लेता था पैसे
कासगंज। शहबाज के पिता आसिफ के अनुसार, उनका बेटा सोशल मीडिया पर चैट करता था, लेकिन फंडिंग की बात सरासर गलत है। उन्होंने बताया कि वह गांव आने पर अक्सर माता-पिता से खर्च के लिए रुपये लेता रहता था, जब उसके पास अपने रुपये खत्म हो जाते हैं। ऐसे में कहीं से फंडिंग मिलने की बात ही नहीं उठती। संवाद
गांव में दिनभर चलती रही चर्चा
कासगंज। शहबाज को पाकिस्तानी कनेक्शन के कारण एटीएस की ओर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी मिलने पर गांव में खलबली मच गई। रविवार को दिनभर गांव में इसे लेकर चर्चा चलती रही। उसके घर के पास ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। संवाद
वर्जन
मामले में एटीएस की ओर से कार्रवाई की गई है। एटीएस की टीम ने उसे कई दिन पहले सुन्नगढ़ी से हिरासत में लिया था। युवक यूपी से बाहर रहता था और शीशा लगाने का काम करता था। -ओपी सिंह, एसपी
सुन्नगढ़ी के गांव किलोनी में आरोपी शहबाज के घर लगी भीड़। संवाद