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Kasganj News: खेतों में पानी भरने से फसलें गलने की आशंका

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फोटो 06 - सहावर के गांव म्यासुर में बारिश के बाद खेत में बरसात का पानी। स्रोत : संवाद
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कासगंज। शनिवार रात से शुरू हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। रविवार दिनभर हुई बारिश से जिलेभर के खेतों में खड़ी खरीफ की फसलें जलमग्न हो गई हैं। मक्का, बाजरा, उड़द और शकरकंद की खेती करने वाले किसानों के लिए यह बारिश आफत बनकर बरसी है, जिससे खेतों में पानी जमा होने के कारण पकी फसलें गलने की कगार पर पहुंच गई हैं।
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किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है। अचानक बदले मौसम के इस मिजाज से किसानों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को तेज हवाओं के साथ 41 मिलीमीटर बारिश होने की चेतावनी जारी की है। यदि इस दौरान तेज हवाएं चलीं, तो खेतों में लहलहाती फसलें पूरी तरह बिछ जाएंगी और नुकसान शत-प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
कृषि विशेषज्ञों और प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में अधिक समय तक जलभराव न होने दें। फसलों को सड़ने और बर्बाद होने से बचाने के लिए तुरंत अपने स्तर पर उचित जल निकासी का प्रबंध करें ताकि संभावित नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके।
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लागत डूब जाएगी
मक्का और बाजरा की पिछाई खेती की है। खेतों में पानी भरने से पौधे झुक गए हैं। एक-दो दिन जलभराव रहा तो पूरी फसल सड़ जाएगी और लागत भी डूब जाएगी।- किशनपाल, किसान

उड़द की पकी फलियों में दाना काला पड़ने और सड़ांध का खतरा है। शकरकंद की जड़ें पानी में सड़ जाएंगी।-वीरेंद्र, किसान
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वर्जन
किसान खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखे। जलभराव से फसलों को नुकसान हो सकता है। -डॉ. आकाश, कृषि वैज्ञानिक, केवीके मोहनपुरा

फोटो 06 - सहावर के गांव म्यासुर में बारिश के बाद खेत में बरसात का पानी। स्रोत : संवाद

फोटो 06 - सहावर के गांव म्यासुर में बारिश के बाद खेत में बरसात का पानी। स्रोत : संवाद

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