कासगंज। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए इस बार नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत होने वाला सर्वे शिक्षा मित्रों के माध्यम से कराया जाएगा। शिक्षा मित्र घर-घर पहुंचकर निरक्षर व्यक्तियों को चिह्नित करेंगे। जिले में इस वर्ष 9000 निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य है।
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु वाले निरक्षरों को साक्षर करने के लिए हर साल सर्वे कराया जाता रहा है। अब तक यह जिम्मेदारी परिषदीय शिक्षकों की होती थी, लेकिन शासन ने इसमें बदलाव करते हुए यह काम अब यह कार्य शिक्षा मित्रों को सौंपने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
शिक्षा मित्र अपने तैनाती स्थल वाले गांवों में जाकर घर-घर दस्तक देंगे और निरक्षरों की सूची तैयार करेंगे। शिक्षा मित्रों को सर्वे प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि डेटा सही और समय पर उपलब्ध कराया जा सके। तैयार की गई सूची संबंधित प्रधानाध्यापक को सौंपने के साथ जिला स्तर पर कार्यक्रम की आगे की कार्रवाई की जाएगी। बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के सर्वे में इस बार शिक्षा मित्रों को शामिल करने के निर्देश मिले हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार कार्य कराया जाएगा।