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Kasganj News: तेज दिमाग के लिए स्क्रीन टाइम घटाएं और नींद बढ़ाएं

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कासगंज। क्या आप भी बात-बात पर चिड़चिड़े हो जाते हैं या फिर सामान रखकर भूलने लगे हैं। अगर हां, तो सतर्क हो जाइए, देर रात तक मोबाइल-लैपटॉप की स्क्रीन देखना, कम नींद लेना और जंक फूड खाना आपके दिमाग की सेहत बिगाड़ रहा है।
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डॉक्टरों का कहना है कि तेज याददाश्त, एकाग्रता और स्वस्थ मस्तिष्क के लिए महंगी दवाओं की नहीं, बल्कि सही जीवनशैली और संतुलित दिनचर्या की जरूरत है। चिकित्सकों के अनुसार, इंसानी मस्तिष्क का वजन लगभग 1.4 किलोग्राम होता है।
यही हमारे सोचने-समझने, निर्णय लेने और भावनाओं को नियंत्रित करने का काम करता है। अगर दिमाग को सही मात्रा में ऑक्सीजन न मिले, तो इसकी कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं। बावजूद इसके, लोग इसकी देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि असंतुलित दिनचर्या के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में भूलने की बीमारी, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और तनाव तेजी से बढ़ रहा है।
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थाली में शामिल करें ब्रेन फूड
दिमाग को सेहतमंद रखने के लिए अपनी डाइट में बदलाव करें। विशेषज्ञों के अनुसार, अखरोट, बादाम, केला, दही, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज और ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ को अपने खाने में शामिल करें। इसके अलावा दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। वहीं, अधिक चीनी, पैकेटबंद और ज्यादा तले-भुने खाने से परहेज करें।
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योग और व्यायाम से बढ़ाएं मानसिक सक्रियता
रोजाना योग, मेडिटेशन (ध्यान), साइकिल चलाना या कोई भी खेल खेलना मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) को बेहतर बनाता है। इससे तनाव कम होता है और दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ती है।


स्वस्थ मस्तिष्क के सात मंत्र
-प्रतिदिन 7-8 घंटे की भरपूर नींद लें
-संतुलित एवं पौष्टिक भोजन करें
-रोज कम से कम 30-60 मिनट व्यायाम या योग करें
-तनाव कम करने के लिए ध्यान और प्राणायाम अपनाएं
-मोबाइल और अन्य स्क्रीन का समय सीमित रखें
-धूम्रपान, शराब और नशीले पदार्थों से दूर रहें
-भूलने या सिरदर्द जैसी समस्या लगातार रहे तो विशेषज्ञ से सलाह लें
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वर्जन
पढ़ाई या काम के दौरान समय-समय पर ब्रेक लेना और परिवार के साथ बातचीत करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। लगातार भूलने, सिरदर्द, चक्कर या व्यवहार में बदलाव जैसी समस्या होने पर चिकित्सकीय परामर्श जरूर लेना चाहिए।- डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस
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