कासगंज। खरीफ सीजन के दौरान इस बार किसानों के लिए सबसे बड़ी परेशानी खाद की कमी नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम की तकनीकी खराबी बन गई है। जिले की सहकारी समितियों पर पिछले छह दिनों से सर्वर डाउन होने के कारण यूरिया और डीएपी खाद का वितरण पूरी तरह प्रभावित है।
हालात यह हैं कि खेत तैयार होने के बावजूद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। कहीं समितियों पर ताले लटके हैं, तो कहीं किसान घंटों लाइनों में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ घर लौट रहे हैं।
बारिश के बाद धान की फसल में यूरिया डालने का यह सबसे सही समय है, लेकिन सर्वर न चलने से खाद वितरण का काम बार-बार रुक रहा है। इससे धान की फसल की बढ़त रुकने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा जिन किसानों को अभी मक्का, बाजरा, दालें (दलहन) और तेल वाली फसलें (तिलहन) बोनी हैं, उनका काम भी रुक गया है। खाद न मिलने से वे बुवाई नहीं कर पा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि वे सुबह से ही समितियों के चक्कर काटने लगते हैं, लेकिन कर्मचारी कभी सर्वर खराब होने तो कभी वितरण बंद होने की बात कहकर उन्हें टरका देते हैं। जहां केंद्र खुले भी हैं, वहां लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं।
नहीं चल रहा सर्वर
सर्वर नहीं चल रहा। तीन दिन से परेशान हूंं। समय पर यूरिया नहीं मिली तो धान की फसल प्रभावित हो जाएगी।- नूतन सिंह, किसान
खरीफ की बुवाई का समय निकल रहा है। कई दिन से समिति के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही। इससे चिंता बढ़ रही है।-मुकेश कुमार, किसान
बारिश के बाद खेत तैयार हैं, लेकिन खाद के बिना बुवाई आगे नहीं बढ़ पा रही। प्रशासन को सर्वर की समस्या तुरंत दूर करानी चाहिए।-विनेश, किसान
समिति पर पहुंचने पर पता चलता है कि सर्वर बंद है। कई दिन से बिना खाद के वापस लौटना पड़ रहा है। जल्द समस्या का समाधान हो- दिनेश किसान
वर्जन
शाम को सर्वर के ठीक होने की जानकारी मिली है। इसके बाद समितियों पर मशीन को दोबारा शुरू कर वितरण करने के लिए कहा गया है।- राकेश शंकर, श्रीवास्तव
फोटो 10 कासगंज फोटो किसान विनेश। स्रोत: संवाद
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