गांव निवासी प्रेमी ने ढोलना थाना में तहरीर देते हुए बताया कि उसका घर के पास रहने वाली किशोरी से पिछले दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। किशोरी के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। उसे अक्सर जान से मारने की धमकी देते थे। 9 जनवरी को किशोरी ने उसको फोन कर बताया कि घरवाले उसे मार देंगे। उस वक्त वह एटा में था। वह एटा से आकर रात में किशोरी को अपने साथ आगरा ले गया।
किशोरी के परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो उसके मामा और अन्य लोग 10 जनवरी को दोनों को आगरा के एक गुरुद्वारे से पकड़कर वापस गांव ले आए। आरोप है कि उन्हें घर में बंद कर दिया। किशोरी के मामा, चाचा, जीजा व गांव के कुछ अन्य लोगों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। रविवार की सुबह परिजनों ने किशोरी को अलग कमरे में ले जाकर दोबारा पीटना शुरू किया। वह दूसरे मकान में बंद था और उसे किशोरी के चीखने की आवाजें आ रही थीं। कुछ देर बाद उसकी आवाजें आना बंद हो गईं। घर में शोर मचने लगा कि किशोरी की मौत हो गई। उसका आरोप है कि किशोरी के पिता, मां, चाचा और मामा ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। परिजन उसके शव को जलाने के लिए श्मशान में गए। इस दौरान मौका पाकर वह घर से भाग निकला।
ढोलना पुलिस ने प्रेमी की तहरीर पर किशोरी की मां, पिता, चाचा, मामा, जीजा, गांव के प्रधान प्रतिनिधि समेत 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि किशोरी की हत्या के मामले में परिजन व गांव के नौ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। सीओ सदर आंचल चौहान ने बताया कि दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं। कुछ आरोपियों की लोकेशन दिल्ली मिली है इसलिए एक टीम को रवाना किया गया है।
दूसरे दिन भी गांव में पसरा रहा सन्नाटा
किशोरी की हत्या करके शव को जलाने की घटना के दूसरे दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा। गांव में कोई चहल-पहल नहीं रही। अधिकांश पुरुष अब भी गांव के बाहर हैं। घरों में सिर्फ महिलाएं और बच्चे हैं। वह भी बाहर निकलने से बच रहे हैं।