फोटो24अमांपुर रोड स्थित मृतका के घर के बाहर लगी भीड़। संवाद
कासगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र के अमांपुर गल्ला मंडी रोड स्थित दद्दा पब्लिक स्कूल के पास एक विवाहिता का शव बुधवार को घर में फंदे पर लटका मिला। पोस्टमार्टम के बाद मायके पक्ष की ओर से बच्चों के नाम प्रॉपर्टी करने की जिद पकड़े जाने के कारण शव का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार की देर शाम हो सका। इस दौरान क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल रहा और पुलिस बल तैनात रहा।
सहावर गेट नगला खां बहादुर निवासी छैलबिहारी ने अपनी बेटी कामिनी (28) की शादी 10 साल पहले गल्ला मंडी निवासी मनीष के साथ की थी। बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे परिवार के लोगों को कामिनी का शव घर के गेट के जंगले से फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बुधवार देर शाम जब शव घर पहुंचा, तो मायका पक्ष ने बच्चों के नाम प्रॉपर्टी ट्रांसफर होने तक अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया। बृहस्पतिवार को भी सुबह से इस मुद्दे पर पंचायत और वार्ता का दौर चलता रहा।
तनाव की स्थिति को भांपते हुए घर के बाहर पुलिस टीम को मुस्तैद रखा गया था। बृहस्पतिवार शाम करीब सवा सात बजे बच्चों के नाम प्रॉपर्टी किए जाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मायका पक्ष शांत हुआ, जिसके बाद परिजन ने विवाहिता का अंतिम संस्कार किया।
बच्चों के नाम जायदाद करने पर किया था हंगामा
पोस्टमार्टम हाउस पर मायके पक्ष की महिलाओं ने मृतका के दोनों बेटों मयंक (9) और हर्षित (8) के नाम पूरी जायदाद करने की मांग को लेकर जबरदस्त हंगामा किया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब महिलाएं स्ट्रेचर पर रखे शव को खींचकर ले जाने लगीं। महिला पुलिसकर्मियों द्वारा रोके जाने पर उनके साथ धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे वहां काफी देर तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। एसपी ओपी सिंह ने बताया कि विसरा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फंदा लगना आई है।
सीओ आंचल चौहान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार संपन्न हो गया है।