कासगंज। शारदीय नवरात्र में इस बार मां अंबे का आगमन गज यानी हाथी पर होगा। रविवार से नवरात्रि शुरू होने पर देवी के हाथी पर सवार होकर पृथ्वी लोक पर आने की धार्मिक मान्यता है। इसे शुभ संकेत मानते हुए अच्छी वर्षा, बेहतर कृषि उपज और सुख-समृद्धि की उम्मीद जोड़ी जाती है।
ज्योतिषाचार्य पं. भरत राम गौड़ ने बताया कि देवी भागवत पुराण से जुड़ी मान्यताओं में हाथी को स्थिरता, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। रविवार को नवरात्रि शुरू होने पर मां दुर्गा के गज पर आगमन की मान्यता है। इसे कृषि और आर्थिक समृद्धि के लिए अनुकूल संकेत के रूप में देखा जाता है।
शारदीय नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाएगी। श्रद्धालु व्रत रखकर परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करेंगे। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी और घरों में भी देवी पाठ, अखंड ज्योति और कलश स्थापना की तैयारी रहेगी।
11 अक्तूबर से शुरू होने वाला नवरात्रि पर्व 19 अक्तूबर तक चलेगा। अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व रहेगा। इस दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ और देवी जयकारों से माहौल भक्तिमय रहेगा। 20 अक्तूबर को विजयादशमी के साथ नवरात्रि पर्व का समापन होगा।
नवरात्रि कैलेंडर
11 अक्तूबर— प्रतिपदा, मां शैलपुत्री 12 अक्तूबर— द्वितीया, मां ब्रह्मचारिणी
13 अक्तूबर— तृतीया, मां चंद्रघंटा 14 अक्तूबर— चतुर्थी, मां कूष्मांडा 15 अक्तूबर— पंचमी, मां स्कंदमाता 16 अक्तूबर— षष्ठी, मां कात्यायनी
17 अक्तूबर— सप्तमी, मां कालरात्रि
18 अक्तूबर— अष्टमी, मां महागौरी, कन्या पूजन
19 अक्तूबर— नवमी, मां सिद्धिदात्री, कन्या पूजन
20 अक्तूबर— विजयादशमी,दशहरा