फोटो37मृतक उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह का फाइल फोटो।
पटियाली। हरियाणा के नूंह जिले में तावड़ू स्थित कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह हुए सड़क हादसे में गांव अलीपुर दादर के मूल निवासी दरोगा सत्यभान सिंह की भी मौत हो गई। वह जालौन जिले की उरई कोतवाली में तैनात थे।
वह एक अपहरण मामले में पुलिस टीम के साथ दबिश देने के लिए कार से जा रहे थे। इस दौरान स्कॉर्पियो कार आगे खड़े डंपर से जा टकराई। दरोगा सत्यभान सिंह की मौत की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह पांच भाई थे। उनके बड़े भाई सत्यवीर सिंह गांव अलीपुर दादर में रहकर खेती करते हैं। दो भाई कीरत सिंह और बादल सिंह आगरा में रहते हैं, जबकि एक अन्य भाई गुरदेव सिंह झांसी में लेखपाल चकबंदी के पद पर तैनात हैं। सत्यभान सिंह पिछले करीब 20 वर्षों से फतेहगढ़ और फर्रुखाबाद के बीच बढ़पुर क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रह रहे थे।
परिवार में उनके तीन बेटे और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे मंजीत सिंह की शादी हो चुकी है और उनकी उम्र करीब 26 वर्ष है। दूसरा बेटा विशाल 23 वर्ष और सबसे छोटा बेटा बाबू 18 वर्ष का है। उनकी बड़ी बेटी आनंदी (30 वर्ष) और छोटी बेटी पूनम (28 वर्ष) की भी शादी हो चुकी है। हादसे की खबर के बाद गांव अलीपुर दादर में रहने वाले उनके भाई परिवार के साथ फतेहगढ़ रवाना हो गए। गांव में रहने वाले रिश्तेदारों ने बताया कि मृतक दरोगा लंबे समय से बाहर रह रहे थे। उनका पारिवारिक शादियों और अन्य कार्यक्रमों में ही गांव आना होता था। उनकी मौत से परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।