कासगंज। जिले में कक्षा 1 से 12 तक संचालित यूपी बोर्ड, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी विद्यालयों में अब केवल राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पुस्तकें ही अनिवार्य रूप से लागू होंगी। इस संबंध में केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत सख्ती बढ़ा दी गई है।
जिले में लंबे समय से स्कूलों द्वारा निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें लागू करने का मामला चर्चा में रहा है। आरोप है कि कई विद्यालय कमीशन के चलते अभिभावकों पर अनावश्यक रूप से महंगी पुस्तकों का बोझ डालते रहे हैं। अब शासन ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार कक्षा 1 से 12 तक सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को ही मुख्य पाठ्य सामग्री के रूप में अपनाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाना और अभिभावकों को आर्थिक राहत प्रदान करना है।प्रशासन ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आदेश दिया है कि वे तीन दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि कोई विद्यालय नियमों का उल्लंघन करते हुए निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य करता है या बिना आवश्यकता के सिलेबस में बदलाव करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।