कासगंज। जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र की तरफ से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत जिले में पारंपरिक कारीगरों के चयन की प्रक्रिया सोमवार को पूरी हुई। साक्षात्कार के बाद कुल 41 कारीगरों का चयन किया गया। चयनित कारीगरों को कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण देकर टूल किट दी जाएगी। उपायुक्त चंद्रभान भास्कर ने बताया कि योजना के तहत प्रदेश सरकार पारंपरिक कारीगरों जैसे बढ़ई, नाई, राजमिस्त्री, लोहार, टोकरी बुनकर आदि को 10 दिवसीय प्रशिक्षण देकर पात्र लाभार्थियों को टूलकिट उपलब्ध कराती है। योजना पारंपरिक कौशल को संरक्षित करने और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाने से कारीगरों की कार्य क्षमता बढ़ने के साथ उनकी आमदनी में भी सुधार होगा। साक्षात्कार में टोकरी बुनकर के 7,राजमिस्त्री के 11, लोहार के 9, नाई के 10, बढ़ई के 6 कारीगरों का चयन किया गया। चयनित कारीगरों को प्रशिक्षण की तिथि और स्थान की सूचना जल्द ही जारी की जाएगी। इस दौरान सहायक आयुक्त सुधीर चंद्र गर्ग, आईटीआई प्रधानाचार्य जहीर आलम आदि मौजूद रहे।