कासगंज। गंगा के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव और मामूली बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है, जिससे बाढ़ की हल्की आहट ने तटीय इलाकों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि अभी किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति नहीं है, फिर भी लोग एहतियात के तौर पर सतर्क हो गए हैं।
आंकड़ों के अनुसार, रविवार को कछला ब्रिज पर गंगा का जलस्तर 161.91 मीटर के निशान पर था, जो पिछले 24 घंटों में 4 सेंटीमीटर बढ़कर सोमवार को 161.95 मीटर पर पहुंच गया है। पिछले दिनों बारिश थमने से जलस्तर स्थिर हुआ था, लेकिन सोमवार को दोबारा बारिश शुरू होने से आने वाले दिनों में पानी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के लिए सिंचाई विभाग मुस्तैद है। कच्चे बांधों की निरंतर निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी स्थान पर कटाव न हो और गांवों में जलभराव की स्थिति से बचा जा सके।
म्यांसुर गांव के निवासी विमल राघव का कहना है कि फिलहाल बाढ़ जैसी कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन जैसे-जैसे गंगा का पानी धीमे-धीमे बढ़ता है, आपदा का खतरा मंडराने लगता है। इसी आशंका से ग्रामीण अभी से अपने स्तर पर जरूरी प्रबंध करने लगे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए बढ़ सकती है परेशानी
महज दो दिन बाद पवित्र सावन मास की शुरुआत होने जा रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में शिव भक्त और कांवड़िये गंगा स्नान करने तथा कांवड़ में जल भरने के लिए घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। हालांकि, स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं।
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बैराजों से पानी का प्रवाह
- हरिद्वार बैराज से- 66,226 क्यूसेक
- बिजनौर बैराज से- 49,988 क्यूसेक
- नरौरा बैराज से- 53211 क्यूसेक
- कछला ब्रिज- 161.95 मीटर के निशान पर
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वर्जन-
- गंगा के जलस्तर में मामूली उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। बाढ़ और कटान की फिलहाल कहीं कोई समस्या नहीं है।- संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई।