कासगंज। मोहल्ला जय-जयराम स्थित गली तकिया में साल 2017 में कटिया डालने का विरोध करने पर एक परिवार पर दबंगों ने जानलेवा हमला किया था। मामले में करीब आठ साल के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली में नौ नामजद आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है।
गली तकिया निवासी विनीता पत्नी वीरेंद्र सिंह ने सदर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी में बताया गया कि 17 अक्तूबर 2017 को उनकी छत पर आकर पड़ोसी धर्मवीर जबरन बिजली के केबल काटकर दूसरे पड़ोसी को अवैध कनेक्शन दे रहा था। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी उस समय वहां से चला गया, लेकिन कुछ ही देर बाद वह अपने बेटों कौशल, अभिषेक, दीपू, भाइयों सुनील, रामू और रामभरोसे, दिलीप व एक महिला के साथ लाठी-डंडों और तमंचों के साथ उनके घर में घुस आया था। आरोपियों ने उन्हें और उनके पति को पलंग पर दबोच कर बुरी तरह पीटा था। उनके बेटों राहुल, रोहन और बेटी प्रिया को भी बुरी तरह मारा था, इससे उनके सिर फट गए थे। पीड़िता का आरोप है कि इस बीच आरोपियों ने उनके गले से सोने की जंजीर लूट ली थी। शोर सुनकर आए मोहल्ले के लोगों ने किसी तरह उनके परिवार की जान बचाई थी।
घटना के समय उन्होंने 100 और 1090 नंबर पर पुलिस को सहायता के लिए फोन किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। घटना के बाद पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई थी। जहां उनकी ओर से प्राथमिकी दर्ज नहीं की, बल्कि दूसरे पक्ष के धर्मवीर की शिकायत पर एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करके उनके पति और पुत्र को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए एसपी को शिकायत पत्र भी लिखा, लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस के सुनवाई न करने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली थी। अब करीब आठ साल के बाद कोर्ट के आदेश पर आरोपी धर्मवीर, कौशल, अभिषेक, दीपू, सुनील, रामू, रामभरोसे, दिलीप और एक महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।