कासगंज। होली पर्व की पूर्व संध्या पर होलिका पूजन को धर्म प्रेमियों में उत्साह देखा गया। रंग-बिरंगी विद्युत झालरों से होलिका स्थल जगमगा उठे। ग्रहण समाप्त होने के बाद जिले के सभी 1460 होलिका दहन स्थलों पर श्रद्धालु पूजा को उमड़ पड़े। पकवानों से होलिका मैया की पूजा की गई। देर रात तक पूजा का दौर चलता रहा। होलिका दहन स्थल भक्त प्रहलाद की जय से गूंज उठे।
चंद्र ग्रहण के चलते पूजन के लिए सोमवार को ही निर्धारित स्थलों पर ही होली रख दी गई। काफी संख्या में लोग इन स्थलों पर होली पूजन के लिए भी पहुंचे, लेकिन होलिका दहन 4 मार्च को तड़के होना है। इसके चलते मंगलवार को होलिका दहन स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया गया।
सूत की मंडी क्षेत्र में तो रंग- बिरंगी रोशनी से होलिका दहन स्थल को सजाया गया। भव्य रूप से सजा स्थल लोगों को आकर्षित करता रहा। जो लोग पूजन से वंचित रह गए थे वो ग्रहण समाप्त होने के बाद इन स्थलों पर पूजा के लिए पहुंचे। लोगों ने घरों में बनाए गए पकवानों से होलिका स्थल की पूजा अर्चना की। घरों से गुलरियां व उपले भी होलिका स्थल पर चढ़ाए गए। पूजा अर्चना के उपरांत भक्तों ने होलिका स्थल के चारों ओर परिक्रमा लगाई। परिक्रमा लगाते समय भक्त प्रहलाद के जयकारे भी भक्तजन लगा रहे थे। पूजा अर्चना का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इसके अलावा घरों पर गुलरियों की माला बनाकर होली रखी गई। घरों पर भी भक्तों ने होली की पूजा अर्चना की।