कासगंज। गंगा के जलस्तर में अब कमी आने का सिलसिला जारी है। इसी के साथ ही कटान तेज होेने के आसार हैं। कटान की जद में आए किलौनी और शहवाजपुर के ग्रामीण इस समस्या पर चिंतित हैं। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 3 सेंटीमीटर की कमी आई है। बैराजों से भी पानी का प्रवाह कम हुआ है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में भरा पानी अब कम हो रहा है।
हरिद्वार बैराज से करीब 6 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह कम हुआ। वहीं बिजनौर बैराज से करीब 16 हजार क्यूसेक और नरौरा बैराज से करीब 3 तीन हजार क्यूसेक की कमी आई है। शहवाजपुर मे गंगा पर बने बांध के पास गंगा की धारा बह रही है और बांध के पास कटान भी हो रहा है जिससे शहवाजपुर के ग्रामीण चिंतित हैं। उनका कहना है कि कटान रोकने के लिए ठोस बांध बनाने की जरूरत है।
किलौनी गांव में लगातार कटान की स्थिति बनी हुई है। किसानों की खेती की जमीन भी कट गई है। किसान बब्बल की जमीन गंगा में समां चुकी है। सिंचाई विभाग ने किलौनी में भी कटानरोधी कार्य किए हैं। इससे कटान की गति धीमी हुई है।
पटियाली के बाढ़ प्रभावित गांव मूंझखेड़ा, नगला जयकिशन, राजेपुर कुर्रा, नगला नरपत, नगला दिपी, नगला जैली, पनसोती नगला, नगला दुर्जन, नगला हंसी में बाढ़ का पानी भी कम होने लगा है। हालांकि निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है। आगामी समय में बाढ़ पीड़ितों को राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण उर्वेश ने बताया कि पानी अभी भी भरा है लेकिन पानी कम हो रहा है।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 74532 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 54706 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 64283 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.12 मीटर के निशान पर
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वर्जन-
- गंगा में बैराजों से पानी का प्रवाह काफी कम हुआ है, इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी राहत मिलेगी। वहीं कटान की समस्या भी कम होगी- संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई।