बेटी नहीं भूल रही हादसा
ओमवती को जब मगरमच्छ हमला कर खींचकर नदी में ले जाने लगा उस समय उसकी बेटी कुसमा वहीं पर मौजूद थी। वह घटना देखकर चीख उठी। वह बेबस होकर मां को मगरमच्छ द्वारा नदी में ले जाते हुए देखती रह गई। ग्रामीणों को बुलाने के लिए वह चीख पुकार करते हुए गांव पहुंची। लेकिन जब तक ग्रामीण नदी पर पहुंची तब तक उसकी मां की मौत हो चुकी थी। कुसुमा का रो रो-कर बुरा हाल था और वह इस हादसे को भूल नहीं पा रही है।
पोस्टमार्टम के बाद रिपोर्ट मिलेगी। वहीं, घटना की रिपोर्ट राजस्व कर्मियों द्वारा तैयार की जाएगी। नियमानुसार जो भी मुआवजा बनेगा वह परिजन को दिया जाएगा। - पंकज कुमार, उपजिलाधिकारी, कासगंज