जिला अस्पताल में किया गया मॉकड्रिल
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कासगंज में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिला अस्पताल पर एडी स्वास्थ्य की देखरेख में मॉकड्रिल किया गया। इसके साथ ही सोरों, सहावर एवं गंजडुंडवारा के स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कोरोना संबंधी व्यवस्थाओं को परखा गया।
प्रदेश में कोरोना का खतरा एक बार फिर से बढ़ने लगा है। जिला में भी कोरोना के मामलों में उछाल आया है। कोरोना संक्रमण की पहली, दूसरी और तीसरी लहर में जिले में बड़ी संख्या में लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए थे। ऑक्सीजन की कमी से काफी संख्या में लोगों की मौत हुई। जिला में 55 लोग कोरोना से मौत के आगोश में समाए। इसके साथ ही जिला के काफी लोगों की मौत बाहरी जनपदों में इलाज की दौरान हुई। इसके बाद जिला में व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया।
जिला अस्पताल एवं गंजडुंडवारा स्वास्थ्य केंद्र पर ऑक्सीलन प्लांट बनाए गए। वहीं जिला अस्पताल, सोरों, सहावर एवं गंजडुंडवारा स्वास्थ्य केंद्रों पर पीकू वार्ड बनाए गए। इसके साथ ही अन्य व्यवस्थाएं भी की गईं। कोरोना का खतरा एक बार फिर से बढ़ने के बाद पिछली तीनों लहरों की तरह गंभीर हालत पैदा न हों इसको लेकर अभी से सतर्कता बरतना शुरू कर दिया गया है।
यहां देखी गई व्यवस्थाएं
जिला अस्पातल पर एडी स्वास्थ्य डॉ. वीके सिंह ने ऑक्सीजन व्यवस्था, उपलब्ध बेड, वार्ड, दवाएं, एंबुलेंस, चिकित्सकों की उपलब्धता, इलाज की तैयारियां, मरीज के भर्ती कराने की व्यवस्थाओं के साथ मरीज को अस्पताल लाने से इलाज मिलने तक लगने वाले समय तक की रिहर्सल किया। सोरों में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अंजुश की देखरेख में व्यवस्थाओं को परखा गया। इस अस्पताल पर चार में से तीन अग्निशमन सिंलिंडर भरे मिले, जबकि एक सिंलिंडर खाली मिला, जिसे भरवाने के निर्देश दिए गए। जबकि कोरोना संबंधी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। सहावर एवं गंजडुंडवारा में कोरोना संबंधी सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गईं।