फोटो17कासगंज में एक राशन की दुकान पर आया खराब गेंहूं। संवाद
कासगंज। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बांटे जा रहे राशन की गुणवत्ता पर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। कार्डधारकों का आरोप है कि मई माह में मिले गेहूं और चावल की गुणवत्ता बेहद खराब है। कई जगहों पर उपभोक्ताओं ने राशन लेने से मना कर दिया है।
जिले में अंत्योदय योजना और पात्र गृहस्थी के तहत 253746 परिवार जुड़े हैं। इन परिवारों के 999540 सदस्य राशन का उपयोग करते हैं। मई माह में वितरित किए गए गेहूं और चावल की गुणवत्ता खराब बताई जा रही है। सबसे खराब हालत गेहूं की है, जिसमें मिट्टी मिली होने, दाने टूटे होने और रंग खराब होने की शिकायतें हैं।
डीलर की दुकान पर राशन की हालत देखकर कार्डधारक इसे लेने से इन्कार कर रहे हैं। इससे राशन वितरण केंद्रों पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। कोटेदारों का कहना है कि उन्हें गोदाम से ही खराब गुणवत्ता का राशन उपलब्ध कराया गया है। गुणवत्ता खराब होने के कारण उन्हें कार्डधारकों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।
डीलरों के अनुसार, लोगों को समझाने के बावजूद विवाद शांत नहीं हो पा रहे हैं। कार्डधारक हरिओम, सतीश और राजीव ने बताया कि दिया गया राशन खाने योग्य नहीं है। डीलर राम खिलाड़ी ने भी उठान के समय राशन की बोरी में नमी पाई थी।
वर्जन
डीलरों ने खराब राशन आने की शिकायत विभाग से नहीं की है। दुकानों का निरीक्षण कर गुणवत्ता देखी जाएगी। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अरुण कुमार, डीएसओ