सहावर। कस्बे के मुख्य रेलवे फाटक पर लगने वाला भीषण जाम स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। ट्रेनों की संख्या बढ़ने के कारण फाटक दिन में 20 से ज्यादा बार बंद होता है, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच जाम में फंसना लोगों के स्वास्थ्य पर भी भारी पड़ रहा है।
दोपहर में फाटक बंद होने पर दोपहिया वाहन चालकों और यात्रियों का बुरा हाल होता है। घंटों जाम में फंसे रहने से बुजुर्गों और छोटे बच्चों की हालत बेहाल हो जाती है। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि समस्या से बाजार में ग्राहकों की कमी हो रही है और व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि गंभीर मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी घंटों फंसी रहती है। फाटक बंद होने से एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिल पाता, जिससे मरीजों की जान पर जोखिम बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी से सहावर रेलवे फाटक पर जल्द से जल्द ओवरब्रिज का निर्माण कराने की मांग की है। इससे कस्बे की जनता को इस दैनिक मुसीबत और जानलेवा जाम से स्थाई मुक्ति मिल सकेगी।
स्थायी समाधान जरूरी
-फाटक लगने से पूरा कस्बा दो हिस्सों में बंट जाता है। ओवरब्रिज ही इस समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान है। -सुधा साहू, भाजपा जिला मंत्री
-रेलवे फाटक पर जाम अब रोज की समस्या बन चुका है। भीषण गर्मी में लोग पसीने से तर-बतर होकर घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। यहां ओवरब्रिज का निर्माण कराना चाहिए।-हदीशा बेगम