कासगंज। जिला अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट (जांच विशेषज्ञ) की तैनाती के बाद अब खून की सामान्य जांच से भी गंभीर बीमारियों का पता लगाना आसान हो गया है। हाल ही में माइक्रोस्कोप से की गई खून की विशेष जांच से एक महिला मरीज में ब्लड कैंसर के शुरुआती लक्षण मिले हैं।
महिला की सीबीसी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी दिखने के बाद डॉक्टरों ने खून की स्लाइड बनाकर गहराई से जांच की, जिससे ब्लड कैंसर की पुष्टि हुई। सही समय पर बीमारी का पता चलने के बाद मरीज को तुरंत आगे के इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
जिला अस्पताल में पैथोलॉजी सेवाओं के मजबूत होने से अब मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। यहां न केवल माइक्रोस्कोप आधारित सूक्ष्म जांचें हो रही हैं, बल्कि शरीर की किसी गांठ या सूजन की जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण एफएनएस टेस्ट की सुविधा भी शुरू हो गई है।
पहले इन गंभीर जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब (प्राइवेट सेंटरों) या बड़े शहरों के चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे उनका काफी पैसा और समय बर्बाद होता था। डॉक्टरों का कहना है कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी में समय पर पहचान ही सबसे बड़ा बचाव है।
अगर शुरुआती दौर में ही बीमारी पकड़ में आ जाए, तो इलाज का असर बेहतर होता है और मरीज के ठीक होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। जिला अस्पताल में इन अत्याधुनिक जांच सुविधाओं का मिलना जिले के गरीब और आम मरीजों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है।
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क्या है एफएनएसी?
फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी (एफएनएसी) एक विशेष जांच प्रक्रिया है।
शरीर की गांठ या सूजन से पतली सुई के जरिए कोशिकाओं का नमूना लिया जाता है।
माइक्रोस्कोप से जांच कर कैंसर, संक्रमण और अन्य रोगों की पहचान की जाती है।
इसमें चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं होती और जांच प्रक्रिया सरल होती है।
वर्जन
पैथोलॉजिस्ट की तैनाती के बाद अस्पताल में माइक्रोस्कोप आधारित जांचें और एफएनएसी सुविधा शुरू हो गई है। एक महिला मरीज की सीबीसी रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने के बाद स्लाइड बनाकर जांच की गई, जिसमें ब्लड कैंसर की पुष्टि हुई। मरीज को बेहतर उपचार के लिए रेफर कर दिया गया है। - डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस, जिला अस्पताल कासगंज