कासगंज। व्यापार शुरू कराने का झांसा देकर एक व्यक्ति से उसके बहनोई ने बड़ा फर्जीवाड़ा कर डाला। उसके नाम पर फर्जी करंट खाता खुलवाया और फिर उसमें सात करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन कर लिया। पीड़ित को इस बात की भनक तब लगी जब उसके घर आयकर विभाग का नोटिस पहुंचा।
मामले में पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से न्याय की गुहार लगाई है। न्यायालय के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपी बहनोई समेत दो अज्ञात आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
अमांपुर के गांव जारई के रहने वाले आकाश कुमार पुत्र धारा सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना देकर बताया कि करीब दो साल पहले उनके सगे बहनोई पिंटूलाल निवासी गुरैठा थाना सिकंदराराऊ जिला हाथरस ने उन्हें व्यापार करने का प्रस्ताव दिया।
एक नई कंपनी शुरू करने की बात कहकर उनका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अमांपुर शाखा में एक करंट खाता खुलवाया और चेकबुक जारी कराई। आकाश एंटरप्राइजेज के नाम से मुहर बनवाई और पीड़ित के आधार व पैन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ ले गया।
कुछ समय बाद जब पीड़ित के पते पर आयकर विभाग के नोटिस आने लगे और बैंक अधिकारियों ने उनके खाते में कई करोड़ रुपये आने व भारी-भरकम निकासी की जानकारी दी तब इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
खाते से लिंक था किसी और का मोबाइल नंबर
जांच में सामने आया कि पीड़ित के उस बैंक खाते में किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी लिंक्ड थी। उस खाते के जरिए सात करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का हेरफेर किया गया था। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने बहनोई से पूछा तो उसने मामले को रफा-दफा करने का झांसा दिया, फिर उसे एक साल तक बातों में उलझाए रखा।
उनके पास आयकर का दोबारा नोटिस आया तो उन्होंने बहनोई को कासगंज बुलाया। आरोप है कि बीती 7 जुलाई को आयकर कार्यालय के पास बहनोई दो अज्ञात साथियों के साथ पहुंचा। जब पीड़ित ने कानूनी कार्रवाई की बात कही तो आरोपियों ने गाली-गलौज की। मामले में पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।