कासगंज/पटियाली/गंजडुंडवारा। गंगा के ऊपरी बैराजों से पानी का प्रवाह कम होने के बाद मुख्यधारा के जलस्तर में भले ही थोड़ी कमी आई हो, लेकिन बाढ़ के पानी से घिरे निचले इलाकों के ग्रामीणों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
मार्गों पर पानी भरा होने और रास्ते कट जाने के कारण वाहन शोपीस बनकर रह गए हैं और लोगों के आने-जाने का एकमात्र सहारा अब सिर्फ नावें ही बची हैं। करीब 20 गांवों के लोग पुल और सड़कें टूटने के कारण भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
बुधवार को हरिद्वार बैराज से पानी के डिस्चार्ज में करीब 8 हजार क्यूसेक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि नरौरा बैराज से लगभग 13 हजार क्यूसेक पानी कम छोड़ा गया। इसके असर से कछला ब्रिज के पास गंगा का जलस्तर करीब 12 सेंटीमीटर कम हुआ है। इसके बावजूद पटियाली के निचले इलाकों के लोगों को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है।
मूंझखेड़ा गांव की मुख्य सड़क कट जाने के कारण नगला हंसी, नगला नरपत, नगला दुर्जन और नगला खना समेत आसपास के कई गांवों का संपर्क कट गया है। इन इलाकों में स्थिति इतनी खराब है कि लोग दोपहिया वाहन से भी सफर नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों को पहले नाव की मदद से अपने वाहन पानी से बाहर निकालने पड़ते हैं, तब वे आगे जा पाते हैं।
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स्कूलों के बाहर पानी भरने से पढ़ाई प्रभावित
बच्चों के स्कूल जाने और बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि पटियाली बाजार पहुंचने के लिए भी लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है और मूंझखेड़ा में स्कूल के बाहर भी पानी भरा है।
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घरों के अंदर घुसा पानी
दूसरी ओर, सनौड़ी का गंगा पुल टूटा होने से नगला जयकिशन, नगला दिपी, नगला जैली, राजेपुर कुर्रा और न्यौली फतुआबाद समेत दर्जनभर से अधिक गांवों के लोगों की आवाजाही ठप है। कई गांवों के घरों के अंदर तक पानी पहुंच चुका है। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ चुकी है। पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए ऊंचे स्थानों पर बांधा जा रहा है, वहीं चारागाहों और खेतों में पानी भरने से पशुओं के लिए हरे चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पशुपालकों को दूर-दराज के सूखे स्थानों से चारा काटकर लाना पड़ रहा है।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 107550 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 97717 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 111969 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.14 मीटर के निशान पर
वर्जन-
गंगा के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। जल्द ही प्रभावित इलाकों में राहत लौटेगी। नरौरा बैराज से डिस्चार्ज कम हुआ है। - संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई।
स्टीमर लगाना चाहिए
गांव को आने वाले तीन रोड कटे हुए हैं, जबकि आवागमन के लिए एक छोटी सी नाव लगी है। प्रशासन से मांग है कि गांव के लिए स्टीमर को लगा दिया जाए। ताकि स्कूल-कॉलेज के छात्र और अन्य जरूरतमंद लोग आसानी से आ-जा सके। -जगवीर सिंह, पूर्व प्रधान, नगला जयकिशन
गांव के बाहर मार्गों पर बाढ़ का पानी भरा है। वाहन से आ-जा नहीं सकते। नाव के जरिए जाना पड़ रहा है। गांव में स्वास्थ्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम को भेजकर दवाएं दिलाई जाए। -हरि सरन, नगला जयकिशन
फोटो 36 - जगवीर सिंह ग्रामीण। स्रोत : संवाद
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