फोटो11गांव अहरौली में कड़ाके की ठंड में सुबह के समय खेत पर फसलों की रखवाली करता किसान गोपी ।
कासगंज। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच निराश्रित पशुओं के झुंड से फसलों को बचाने के लिए किसान रातभर खेत में रुकने को मजबूर हैं। खेत पर झोपड़ी डालकर किसान पहरा दे रहे हैं।
रबी के सीजन में खेतों में मटर, गेहूं, सरसों की फसल तैयार हो रही है। रात में निराश्रित गोवंश व जंगली जानवरों का झुंड खेतों में घुसकर फसलें खा जाते हैं। किसानों ने फसल के बचाव के लिए खेत के चारों ओर तारकसी भी की है। ये इंतजाम नाकाफी हैं। किसान हुकुम सिंह ने बताया कि कड़ाके की ठंड में फसलों की रखवाली के लिए खेतों पर ही रात गुजारनी पड़ रही है। गांव अहरौली में किसान नन्नू शनिवार रात गेहूं की फसल की रखवाली कर रहे थे। इसी दौरान सांड़ खेत में घुस गया और फसल को खाने लगा। जानकारी होने पर उन्होंने उसे खेत से भगाने का प्रयास किया तो सांड ने उन पर हमला कर दिया। उनकी चीख पुकार की आवाज सुनकर आस-पास खेत पर मौजूद अन्य किसान उन्हें बचाने के लिए पहुंच गए। काफी मशक्कत के बाद किसानों ने सांड से उसे बचाया। उन्होंने बताया कि रात में चार घंटे तक फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद वह खेत से निकलकर गया।
-खेत में सरसों व गेहूं की फसल खड़ी हुई है। रात में गोवंश फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। फसल की रखवाली के लिए खेत पर झोपड़ी डालकर रात भर पहरा देना पड़ता है। -गोपी, किसान अहरौली
- मटर की फसल खेत में तैयार है। खेत के चारों ओर तारकसी तैयार करने के बाद भी गोवंश फसल को नुकसान पहुंचते हैं। रात में जागकर खेत पर पहरा देना पड़ रहा है। - छोटेलाल, किसान, अहरौली