कासगंज। बीमारी के दौरान इलाज के भारी खर्च से अब अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अधिवक्ताओं को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा देने की घोषणा का जिले के वकीलों ने जोरदार स्वागत किया है। इस फैसले को अधिवक्ता समाज ने स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम बताया है।
जनपद के न्यायालयों से करीब 500 अधिवक्ता जुड़े हुए हैं। इस नई सौगात के तहत केवल कैशलेस इलाज ही नहीं, बल्कि अधिवक्ता की मृत्यु पर मिलने वाली सहायता राशि की आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है। इसके अलावा जिले में अधिवक्ता चैंबर निर्माण के लिए भी धनराशि जारी किए जाने की घोषणा की गई है।स्थानीय अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार के इन फैसलों से पेशे से जुड़े लोगों को बड़ी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
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अधिवक्ताओं की बात
अधिवक्ता केके सक्सेना ने कहा कि उपचार के लिए आर्थिक संसाधनों की व्यवस्था करना कई बार चुनौती बन जाता है। पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा जरूरत के समय अधिवक्ताओं के लिए बड़ा सहारा बनेगी।
अधिवक्ता सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा की यह व्यवस्था अधिवक्ताओं की लंबे समय से चली आ रही जरूरत थी। सरकार ने मांग को पूरा कर अधिवक्ता हित में सकारात्मक कदम उठाया है।
अधिवक्ता अभिषेक गुप्ता ने कहा कि बीमारी के समय उपचार की चिंता के साथ आर्थिक परेशानी भी बढ़ जाती है। कैशलेस सुविधा से इस बोझ को कम करने में मदद मिलेगी। वहीं मृत्यु सहायता की आयु सीमा बढ़ने से अधिवक्ताओं के परिवारों को भी अधिक सुरक्षा मिलेगी।
अधिवक्ता कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि चैंबर निर्माण के लिए धनराशि जारी होना भी अधिवक्ता समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार की इन घोषणाओं से अधिवक्ताओं को कामकाज के साथ स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का सहारा मिलेगा।
फोटो 05 कासगंज फोटो अधिवक्ता केके सक्सेना। स्रोत: संवाद
फोटो 05 कासगंज फोटो अधिवक्ता केके सक्सेना। स्रोत: संवाद
फोटो 05 कासगंज फोटो अधिवक्ता केके सक्सेना। स्रोत: संवाद